नीतीश कुमार की सरकार को 25 साल पूरे हो गए, लेकिन बिहार में विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। शिक्षा, रोज़गार और बुनियादी ढांचे की हालत अब भी बदहाल है। देखिए मुकेश कुमार के साथ पूरा सच!
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।
























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