बंगाल चुनाव में TMC की हार के बाद अब जो विपक्षी एकता मज़बूत हुई उसमें अब अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद नयी मज़बूती मिलती दिख रही है। 6 जून को होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक से पहले खड़गे, अखिलेश और केजरीवाल ने ममता से बात की है।
इंडिया गठबंधन में तब और नयी मज़बूती आती दिखने लगी है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद विपक्षी दलों ने एक बार फिर ममता बनर्जी के साथ खड़े होने का संकेत दिया है। कई विपक्षी नेताओं ने हमले की निंदा की और इसे बीजेपी की हिंसक राजनीति बताया। इससे पहले बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों में टीएमसी की हार के बाद राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी नेताओं ने ममता बनर्जी के साथ एकजुटता दिखाई थी। इसके बाद ममता ने इंडिया गठबंधन को मज़बूत करने का संकल्प लिया था। इस बीच छह जून को इंडिया गठबंधन की बैठक भी तय हो गई है। बंगाल में अब ताज़ा घटनाक्रमों के बाद इसमें तेजी आती दिख रही है।
इंडिया गठबंधन में हाल के दिनों में किस तरह की हलचल है, यह जानने से पहले यह जान लें कि विपक्षी नेताओं ने अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद किस तरह का बयान दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'सोनारपुर में सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला बेहद चौंकाने वाला है। वे पोस्ट-पोल हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे। प्रमुख विपक्षी नेता होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई।' राहुल ने कहा, 'एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं - यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है। यह बीजेपी की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।'
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे 'घिनौना षड्यंत्र' बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'अराजक बीजेपी सरकार ने अभिषेक बनर्जी पर हत्याकांड जैसा हमला करवाकर साबित कर दिया कि वह नफरत और हिंसा के अलावा कुछ नहीं कर सकती।'
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'अभिषेक बनर्जी जी पर हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूं। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जहां-जहां बीजेपी सत्ता में आती है, वहां विपक्ष को बर्दाश्त नहीं करती।' केजरीवाल ने अभिषेक की तारीफ भी की कि वे दुखी परिवारों के साथ खड़े रहे। विपक्षी नेताओं की इन प्रतिक्रियाओं को इंडिया गठबंधन की उस मज़बूती में नयी ऊर्जा भरने का संकेत माना जा रहा रहा है जिसकी शुरुआत बंगाल चुनाव नतीजे के बाद हो गई थी।
हाल में रिपोर्ट आई है कि इंडिया गठबंधन दिल्ली में 6 जून को एक अहम बैठक करने जा रहा है। इसका मक़सद देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का जायजा लेना और आगे की रणनीति तय करना बताया गया है।
बंगाल नतीजों के बाद इंडिया गठबंधन में हलचल
बंगाल चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने का संकल्प व्यक्त किया था। फेसबुक लाइव में ममता बनर्जी ने कहा था, 'हम लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अंत तक नहीं हार मानेंगे।'
ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों के तुरंत बाद कहा था कि INDIA गठबंधन जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा। उन्होंने विपक्षी एकता पर जोर देते हुए कहा था कि लोग अभी भी उनके साथ हैं और टीएमसी वापसी करेगी। बीजेपी ने INDIA ब्लॉक की एकता को लेकर कहा था कि पहले भी ऐसे गठबंधन असफल हो चुके हैं।एकजुटता पर सवाल क्यों उठने लगे थे?
इंडिया यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस के नेताओं की पिछली बैठक 15 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई थी। इस बैठक में विपक्षी दलों ने संसद के विशेष सत्र, डिलिमिटेशन और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की थी। हालाँकि, यह इंडिया गठबंधन की औपचारिक बैठक नहीं थी और किसी खास मुद्दे पर साझा रणनीति के तहत ये नेता मिले थे। गठबंधन की औपचारिक बैठकें बहुत कम ही हुई हैं और इस वजह से गठबंधन की एकता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
इंडिया गठबंधन का गठन 17-18 जुलाई 2023 को हुआ था। पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी, जिसमें 16 विपक्षी दलों ने भाग लिया था। दूसरी बैठक 17-18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई थी। इसी बैठक में गठबंधन का नाम INDIA यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस तय किया गया था। इस बैठक में 26 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया और आधिकारिक रूप से गठबंधन की घोषणा की गई। इसका मुख्य उद्देश्य 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ एकजुट होना था। गठबंधन की औपचारिक शुरुआत 18 जुलाई 2023 मानी जाती है, जब नाम की घोषणा हुई।
इंडिया गठबंधन में टीएमसी
ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की प्रमुख संस्थापक नेताओं में से एक हैं। उन्होंने विपक्षी एकता की अपील की और नाम 'INDIA' को अंतिम रूप देने में भूमिका निभाई थी। लेकिन बाद में टीएमसी की इंडिया गठबंधन को लेकर नीति साफ़ नहीं रही। हाल के बंगाल चुनाव में उसने गठबंधन सहयोगियों के ख़िलाफ़ ही चुनाव लड़ा। इससे पहले भी इंडिया गठबंधन में नेतृत्व को लेकर ममता की कांग्रेस के साथ एक तरह की तनातनी की स्थिति बनी रही थी। लेकिन अब ममता संकेत दे रही हैं कि इंडिया गठबंधन को मज़बूत करना है। अब ममता बनर्जी INDIA ब्लॉक के साथ फिर से करीब आने की कोशिश कर रही हैं। अब गठबंधन की बैठक बुलाई गई है।
इंडिया गठबंधन की स्थिति
इंडिया गठबंधन में क़रीब 35 दल शामिल हैं। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, शिव सेना यूबीटी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), RJD, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, VCK, IUML जैसे दल शामिल हैं। AAP जैसे कुछ दल पहले निकल चुके हैं। तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके के साथ कांग्रेस के सरकार बनाने के बाद डीएमके भी नाराज़ है। इसके अलावा भी गठबंधन में समय-समय पर तनाव या राज्य-स्तर पर बिखराव देखा गया है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर यह विपक्षी मोर्चा बना हुआ है। हाल में गठबंधन में मज़बूती के प्रयास से इसमें फिर से दलों की संख्या बढ़ सकती है।
बहरहाल, अभिषेक बनर्जी पर हमला बंगाल की राजनीति को फिर से गरमा गया है और इंडिया गठबंधन की नयी मज़बूती का संकेत दे दिया है। INDIA ब्लॉक के प्रमुख नेता एक साथ ममता के साथ खड़े नजर आए, जिससे गठबंधन में नयी ऊर्जा आ सकती है।