मुंबई में दो दिन के लिए जुटे 28 दलों के संगठन इंडिया के पोस्टरों में लिखा गया कि जुड़ेगा भारत तो जीतेगा इँडिया...ये बहुत ही सही लाइन है जो विपक्षी दलों के गठबंधन ने ली है. असल में इंडिया नाम रखने पर ही कई लोगों ने सवाल उठाया था, तब से ही कहा जाने लगा था कि नीतिश कुमार नाराज हैं कि भारत नहीं है। इसलिए अब इंडिया और भारत दोनों को ही उसके नारे और लोगो यानि चिन्ह में शामिल कर लिया गया है.
इस बैठक का असर इसे कवर करने आये पत्रकारों और खबरिया चैनलों पर भी दिख रहा है . कुछ खबरिया चैनलों से कल ये खबर देखने की कोशिश की कि राहुल गांधी की अडानी पर प्रेस कांफ्रेस से पहले शरद पवार ने उनको रोकने की कोशिश की .मगर असल में ऐसा कुछ नही हुआ तो दूसरी खबर शाम तक चलायी गयी कि विशेष सत्र में एक देश एक चुनाव का बिल आ रहा है .राहुल में बैठक मे ही कह दिया कि ये सब ध्य़ान भटकाने के लिए है ऐसा कुछ नहीं होने वाला.