बिहार के अरवल जिले में सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को जिले के करीब 75 स्कूलों में बच्चों को दिए गए भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई। भोजन में कीड़े देखकर बच्चों ने खाना खाने से इनकार कर दिया और कई जगहों पर अपनी प्लेटों में रखा खाना स्कूल के कूड़ेदान में फेंक दिया। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, स्कूलों में मंगलवार को दोपहर के भोजन में चावल और सोयाबीन-आलू की सब्जी परोसी गई थी। बच्चों ने खाना शुरू करने से पहले या खाना खाते समय उसमें कीड़े देखे। एक वीडियो में बच्चे सोयाबीन की सब्जी में मौजूद कीड़ों की ओर इशारा करते दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चावल में भी कीड़े पाए जाने की बात सामने आई है।

बच्चों ने खाना फेंका

भोजन में कीड़े मिलने के बाद बच्चों में नाराजगी फैल गई। छात्रों ने तुरंत अपने शिक्षकों को इसकी जानकारी दी और खाना खाने से इनकार कर दिया। सामने आए वीडियो में बच्चों को कतार में खड़े होकर कीड़े वाला खाना स्कूल के कूड़ेदान में फेंकते हुए देखा जा सकता है। छात्रों ने बताया कि उन्होंने जैसे ही भोजन में कीड़े देखे, उन्होंने शिक्षकों को इसकी सूचना दी और अपनी प्लेटों का खाना फेंक दिया।
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'रॉयल मानव मित्र सेवा समिति' कर रही थी भोजन की आपूर्ति

अरवल जिले में स्कूलों के लिए मिड-डे मील की आपूर्ति 'रॉयल मानव मित्र सेवा समिति' नाम की एजेंसी के जिम्मे थी। मंगलवार को इसी एजेंसी की ओर से स्कूलों में चावल और सोयाबीन-आलू की सब्जी पहुंचाई गई थी। भोजन में कीड़े मिलने की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
मिड-डे मील योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और नामांकन को बढ़ावा देना है। ऐसे में भोजन में कीड़े मिलने की घटना ने योजना के तहत भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के आदेश

मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। अरवल के शिक्षा अधिकारी असगर हुसैन ने कहा कि यदि जांच में भोजन की आपूर्ति करने वाली एजेंसी की लापरवाही या किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो नियमों के तहत उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भोजन में कीड़े किस स्तर पर पहुंचे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। शिक्षा विभाग की जांच का फोकस भोजन की तैयारी, पैकिंग, भंडारण और स्कूलों तक उसकी आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया पर हो सकता है।
मिड डे मील में कीड़े मिलने की सूचना सैदपुर ढाबा, खनकुलीपुर और उमैराबाद प्राइमरी स्कूल समेत कई जिलों से आई है। कई जिलों में घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत भोजन परोसना रोक दिया, जिसके बाद परिजनों ने व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भारी नाराजगी जताई।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अरवल की घटना में बड़ी संख्या में स्कूलों के प्रभावित होने से निगरानी और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

नमक की जगह सर्फ परोसा

एक दिन पहले नालंदा के सरकारी स्कूल में बच्चों को Mid Day Meal में अतिरिक्त नमक मांगने पर Surf (कपड़े धोने वाला डिटरजेन्ट पाउडर) परोस दिया गया। 35 बच्चों से ज्यादा को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। इस घटना को लेकर अधिकारी लीपापोती करते रहे। लेकिन इसके बाद मिड डे मील में कीड़े मिलने की सूचना आ गई। बिहार में बीजेपी सरकार और शिक्षा की व्यवस्था सबसे भ्रष्ट व्यवस्थाओं में से एक है।