नीतीश ने 2020 का चुनाव बीजेपी, विकासशील इंसान पार्टी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के साथ मिलकर लड़ा था और सत्ता में उनकी वापसी हुई थी। लेकिन इस बार यह साथ ज्यादा नहीं चला और नवंबर, 2020 में बनी एनडीए सरकार दो साल का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर सकी।
शिवसेना में एकनाथ शिंदे के द्वारा की गई बगावत से सतर्क हुए और बिहार बीजेपी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बढ़ते नियंत्रण और दखल की वजह से असुरक्षित महसूस कर रहे नीतीश ने बीजेपी से अलग होने का मन बना लिया था।