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फ़िल्म ‘कमांडो-3’ का एक दृश्य।सत्य हिंदी

‘कमांडो-3’: कहानी कमज़ोर, लेकिन देशभक्ति के साथ दमदार एक्शन

फ़िल्म- कमांडो-3

डायरेक्टर- आदित्य दत्त

स्टार कास्ट- विद्युत जामवाल, अदा शर्मा, गुलशन देवैया, सुमित ठाकुर, अंगिरा धार

शैली- एक्शन-थ्रिलर

रेटिंग- 2/5

फ़िल्म ‘कमांडो’, ‘कमांडो-2’ और अब ‘कमांडो-3’ को लेकर आए हैं डायरेक्टर आदित्य दत्त। फ़िल्म ‘कमांडो-3’ में एक्शन, थ्रिलर और देशभक्ति से भरा एक मैसेज है। इसमें विद्युत जामवाल का ज़बरदस्त एक्शन आपको हैरान कर देगा। कमांडो सीरीज़ की यह तीसरी कड़ी है और सभी में विद्युत जामवाल और उनका एक्शन कॉमन रहा। तो वहीं जब किसी फ़िल्म का एक, दो और फिर तीसरा सीक्वल भी बन जाए तो मतलब कुछ तो ख़ास बात होगी ही। डायरेक्टर आदित्य दत्त द्वारा निर्देशित फ़िल्म ‘कमांडो-3’ में क्या है ख़ास आइए जानते हैं-

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फ़िल्म ‘कमांडो-3’ की कहानी शुरू होती है- कुछ लड़कों को पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किया जाता है, जो कि लव जिहाद के नाम पर हिंदुस्तान में कुछ बड़ा करने के मंसूबे बना रहे हैं। इन सभी लड़कों को लंदन में बैठा एक आतंकवादी बुराक़ (गुलशन देवैया) ने तैयार किया है। इस प्लान का पर्दाफ़ाश करने के लिए कमांडो करणवीर डोगरा (विद्युत जामवाल) और साथी कमांडो मलिका (अंगिरा धार) को लंदन भेजा जाता है।

लंदन में मलिका व करण को भावना रेड्डी (अदा शर्मा) व अरमान (सुमित ठाकुर) मिलते हैं और वे भी मिशन का हिस्सा होते हैं। इसके बाद कहानी में आते हैं कई सारे ट्विस्ट और टर्न। बम धमाके में सिर्फ़ 30 दिन बाक़ी होते हैं और करण को आतंकवादी बुराक़ को पकड़कर सब पता भी लगाना है। क्या करण आतंकवादी बुराक़ का पता लगा पाएगा? इसके अलावा करण हिंदुस्तान में होने वाले धमाकों को कैसे रोक पाएगा? अंत में इस मिशन में करण बच पाता है या नहीं? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आप सिनेमाघर जाइये और यह फ़िल्म देख लीजिए।

कलाकारों की अदाकारी

कमांडो का रोल कर रहे विद्युत जामवाल ने अपनी एक्टिंग के साथ शानदार एक्शन किया है। एक्टर के एक्शन सीन्स आपको उनका दीवाना बना देंगे। अदा शर्मा की एक्टिंग के साथ उनके स्टंट्स भी कमाल के देखने को मिलेंगे। एक्ट्रेस अंगिरा को ज़्यादा स्क्रीन नहीं मिल पाई लेकिन जो मिली उसमें वह ठीक-ठाक रोल को निभा गईं। तो वहीं एक्टर गुलशन जो कि विलेन के रोल में हैं उनकी एक्टिंग से आपको प्यार हो जाएगा, लेकिन उनके नेगेटिव रोल से आप नफ़रत करेंगे।

फ़िल्म ‘कमांडो-3’ का एक दृश्य।

डायरेक्शन

डायरेक्टर आदित्य दत्त ने फ़िल्म में भरपूर एक्शन डाला है लेकिन कहानी को मज़बूत करने में मात खाते नज़र आए। फ़िल्म की सिनेमेटोग्राफ़ी, डायरेक्शन, एडिटिंग सब कुछ बढ़िया है लेकिन बस फ़िल्म की आत्मा कमज़ोर पड़ गई जो कि किसी भी फ़िल्म की कहानी होती है।

क्यों देखें फ़िल्म

अगर आपको एक्शन फ़िल्में देखना पसंद है तो यह फ़िल्म आपके लिए ही बनाई गई है। इसके अलावा विद्युत जामवाल के शानदार एक्शन और अदा शर्मा के फैंस भी फ़िल्म को देख सकते हैं। अगर आपका मूड एक्शन फ़िल्म देखने का कर रहा हो तो ‘कमांडो-3’ आपके के लिए बेहतर विकल्प है।

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क्यों न देखें ‘कमांडो-3’

फ़िल्म की आत्मा यानी उसकी कहानी बेहद कमज़ोर है और पूरी फ़िल्म को एक्शन से भरा गया है। डायलॉग कुछ ख़ास नहीं हैं और जो हैं वे कुछ ख़ास असर नहीं छोड़ पाते। अगर आपको एक्शन फ़िल्में पसंद नहीं हैं तो ‘कमांडो-3’ आपके लिए बेकार है।

दीपाली श्रीवास्तव
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