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'दिल्ली स्कूल में मेलानिया ट्रंप के कार्यक्रम से केजरीवाल, सिसोदिया का नाम कटा'

दिल्ली सरकार के स्कूल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप के कार्यक्रम से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम हटा दिया गया है। दिल्ली सरकार के सूत्रों के हवाले से यह ख़बर आई है। रिपोर्टों में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने उनका नाम हटाया है। मेलानिया ट्रंप दिल्ली के स्कूल में 'हैप्पिनेस सिलेबस' को देखने आने वाली हैं। इस 'हैप्पिनेस सिलेबस' को दिल्ली में मनीष सिसोदिया ने ही शुरू किया है। हालाँकि ख़बर लिखे जाने तक दिल्ली सरकार की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बीजेपी प्रवक्ता सांबित पात्रा ने 'एएनआई' से कहा है कि भारत सरकार ने अमेरिका को सलाह नहीं दी है कि उन्हें किसे आमंत्रण देना है और किन्हें नहीं। उन्होंने कहा कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। बता दें कि पहले ऐसी ख़बरें थीं कि केजरीवाल और सिसोदिया मेलानिया ट्रंप का स्कूल में स्वागत करेंगे। आम आदमी पार्टी पहले भी विदेश में ऐसे एक कार्यक्रम में जाने से रोकने का आरोप लगा चुकी है।

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मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह केंद्र सरकार है जिसने दिल्ली सरकार के दो बड़े नेताओं का उस कार्यक्रम से नाम हटाया है। मेलानिया का यह कार्यक्रम मंगलवार को दक्षिणी दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में प्रस्तावित है। इसमें मेलानिया विशेष अतिथि होंगी। मेलानिया ट्रंप अपने पति और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भारत की यात्रा पर 24 फ़रवरी को आ रही हैं। दोनों गुजरात के अहमदाबाद में 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम में भाग लेंगे और फिर वे दिल्ली आ जाएँगे। उनके आगरा में ताजमहल जाने का भी कार्यक्रम है। 

बता दें कि पिछले साल भी आम आदमी पार्टी ने ऐसा ही आरोप लगाया था कि शिक्षा सहित दूसरे क्षेत्रों में बढ़िया काम के लिए विदेशों में जब बुलाया जा रहा है तो केंद्र की मोदी सरकार उन्हें विदेश जाने से रोक रही है। तब समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया था- “मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को मुख्यमंत्री के डेनमार्क दौरे के लिए विदेश मंत्रालय से राजनीतिक तौर पर स्वीकृति नहीं मिली है।” डेनमार्क में 9 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2019 तक जलवायु सम्मेलन था। इसके बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट किया था, 'मुझे और हमारे मंत्रियों को जब विदेशों से प्रदूषण नियंत्रण, शिक्षा सुधार, मोहल्ला क्लिनिक के बारे में बात करने बुलाया गया, तो हमें जाने से रोक दिया गया। हमें न जाने दें, लेकिन दुनिया में आम आदमी पार्टी के कामों की चर्चा को कैसे रोकोगे?'

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में चलने वाला यह 'हैप्पीनेस सिलेबस' रचनात्मक शिक्षा के तौर पर जाना जाता है। इसकी देश ही नहीं, विदेशों में भी काफ़ी तारीफ़ हुई है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा इसे क़रीब दो साल पहले शुरू किया गया था। इस सिलेबस का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों में स्ट्रेस को कम करने का प्रयास करना है। इसमें 40 मिनट का मेडिटेशन और आउटडोर खेलकूद की गतिविधियाँ शामिल हैं। 

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हाल के दिनों में दिल्ली चुनावों में भी स्कूल चर्चा में रहे थे। तब बीजेपी ने स्कूलों की हालत ख़राब होने का दावा किया था। इस दावे को आम आदमी पार्टी ने खारिज कर दिया था और कहा था कि अच्छी पढ़ाई और शानदार ढाँचे वाले जिन सरकारी स्कूलों का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है उसके बारे में बीजेपी वोट के लिए ग़लत प्रचार कर रही है। बता दें कि केजरीवाल की पार्टी ने जिन आधार पर इस चुनाव में वोट माँगे थे उसमें दिल्ली के स्कूलों की हालत सुधारने और इसे विश्व स्तरीय बनाने का दावा भी शामिल था। 
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