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जेएनयू हिंसा: दिल्ली पुलिस ने की नक़ाबपोश छात्रा की पहचान, जल्द भेजेगी नोटिस

जेएनयू में हुई गुंडागर्दी को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि घटना के आठ दिन बाद भी वह किसी को गिरफ़्तार नहीं कर सकी है। गुंडागर्दी के बाद कई वॉट्सऐप ग्रुप के स्क्रीनशॉट्स के साथ ही एक नक़ाबपोश लड़की का फ़ोटो वायरल हुआ था। यह लड़की कौन है, इसके बारे में ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने पड़ताल की थी और दावा किया था कि यह लड़की कोमल शर्मा है और एबीवीपी से जुड़ी है। फ़ोटो में दिखा था कि इस लड़की ने चेक शर्ट पहनी थी और हल्के नीले रंग के स्कॉर्फ़ से मुंह ढका हुआ था और उसके हाथों में डंडा था। 

इस मामले की जाँच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने कहा है कि उसने इस लड़की पहचान कर ली है। पुलिस ने उसकी पहचान दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा के रूप में की है हालाँकि उसके नाम का ख़ुलासा पुलिस ने अभी नहीं किया है। 

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न्यूज़ एजेंसी एएनआई की ओर से कहा गया है कि दिल्ली पुलिस जाँच में शामिल होने को लेकर छात्रा को नोटिस जारी करेगी। जेएनयू में हुई हिंसा को लेकर अंग्रेजी न्यूज़ चैनल ‘इंडिया टुडे’ के स्टिंग ऑपरेशन के बाद ही सोशल मीडिया पर हंगामा मचा हुआ है। दक्षिणपंथी ट्रोल आर्मी ‘इंडिया टुडे’ और इसके डायरेक्टर, न्यूज़ राहुल कंवल के पीछे पड़ गई है और इस स्टिंग ऑपरेशन में दिखाये गये शख़्स को एबीवीपी का कार्यकर्ता मानने को तैयार नहीं है। ट्रोल आर्मी का यह भी कहना है कि स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो 22 अक्टूबर 2019 का है और इसे अब प्रसारित किया गया है। 

‘कोमल शर्मा ही है लड़की’

आल्ट न्यूज़ के बाद ‘इंडिया टुडे’ ने भी अपनी पड़ताल में पाया है कि इस नक़ाबपोश छात्रा का नाम कोमल शर्मा है और वह एबीवीपी की कार्यकर्ता है। ‘इंडिया टुडे’ के मुताबिक़, कोमल दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज की छात्रा है। कोमल शर्मा की पहचान उसके एक साथी सीनियर छात्र के इंस्टाग्राम पर अपलोड किये गये ऑडियो से भी हुई है। जिसमें कोमल को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह उसकी पहचान को सामने न लाए क्योंकि उसकी फ़ोटो वायरल हो चुकी है। ऑडियो में कोमल शर्मा कह रही है कि किसी को मत बताना कि तुमने मुझे देखा है क्योंकि मेरी फ़ोटो वायरल हो रही है। 

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स्टिंग ऑपरेशन के दौरान अक्षत अवस्थी ने भी कोमल शर्मा का नाम लिया था। अक्षत ने ‘इंडिया टुडे’ के अंडर कवर रिपोर्टर से कहा था कि जेएनयू में हमला करने वाले लोगों को उसने ही इकट्ठा किया था और हमले का नेतृत्व भी किया था। अक्षत ने कहा था, ‘कोमल शर्मा मैस में थी, जब साबरमती हॉस्टल में भीड़ पहुंची तो कोमल शर्मा भी मैस के अंदर जाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मेरे वहां पहुंचने पर वह डर गई थी। उसने सोचा कि मैं भी वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़ा हूँ। लेकिन मैंने उसे बताया, मैं तुम्हारी तरफ़ से हूं।’ 

49 लोगों को भेजा नोटिस 

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रविवार को कहा है कि उसने अब तक 49 लोगों को जाँच में शामिल होने को लेकर नोटिस भेज दिया है। इसमें अक्षत अवस्थी और स्टिंग ऑपरेशन में दिखे दूसरे शख़्स रोहित शाह को भी नोटिस भेजा गया है। अक्षत अवस्थी कानपुर का रहने वाला है जबकि रोहित शाह दिल्ली के मुनिरका का है। अवस्थी और शाह, दोनों ही जेएनयू में फ़र्स्ट इयर के स्टूडेंट हैं। इससे पहले पुलिस ने दावा किया था कि 9 संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और इसमें से 7 लोग वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े हैं जबकि दो अन्य लोगों के बारे में उसने यह नहीं कहा था कि ये एबीवीपी से जुड़े हैं। इन छात्रों का नाम योगेंद्र भारद्वाज और विकास पटेल है, इनके बारे में कहा गया है कि ये एबीवीपी से जुड़े हैं। 

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