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फ़ोटो साभार: ट्विटर/कवलप्रीत कौर

शाहीन बाग़ प्रदर्शन स्थल पर पेट्रोल बम फेंके गए, कोई घायल नहीं

कोरोना वायरस को लेकर देश भर में पाबंदी और 'जनता कर्फ्यू' के बीच शाहीन बाग़ में प्रदर्शन स्थल पर पेट्रोल बम फेंके गए। इसमें कोई घायल नहीं हुआ है। बम फेंकने वालों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है। नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन अभी भी जारी है और कोरोना वायरस को लेकर प्रदर्शन को बंद करने का दबाव भी है। इस बीच कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रदर्शन ख़त्म करने को लेकर इसके दो पक्षों के बीच बीती रात हाथापाई भी हुई थी। पुलिस को आशंका है कि उनके दो गुटों के बीच आंतरिक कलह के कारण पेट्रोल बम के हमले की आशंका है। 

कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि शाहीन बाग़ में प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर आंतरिक कलह है, इसके बावजूद प्रदर्शन जारी है। बीती रात को भी इसको लेकर दो पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया था कि पुलिस को बुलाना पड़ा था। 

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पुलिस का कहना है कि उनका संदेह शाहीन बाग़ प्रदर्शन करने वालों पर इसलिए है क्योंकि प्रदर्शन करने वालों के अलावा दूसरा कोई वहाँ तब तक नहीं जा सकता है जब तक वह पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को पार नहीं करे। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त डीसीपी (दक्षिण पूर्व) कुमार ज्ञानेश ने कहा, '... प्राथमिक तौर पर प्रदर्शनकारियों में से किसी ने पेट्रोल बम फेंके हैं। कल से प्रदर्शन को लेकर इसके प्रदर्शन करने वालों के बीच भिड़ंत होती रही है। बीती रात ऐसी एक लड़ाई को लेकर पुलिस को बुलाया गया था और हमें हस्तक्षेप करना पड़ा था। कोरोना वायरस के डर से कुछ प्रदर्शनकारी प्रदर्शन को ख़त्म करना चाहते हैं जबकि कुछ ने इसका विरोध किया और एक दूसरे से लड़ गए।'

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बता दें कि नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ शाहीन बाग़ में दिसंबर महीने से ही अहिंसात्मक तरीक़े से विरोध किया जा रहा है। कई बार इसको ख़त्म करने के लिए प्रयास किया गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा भेजे गए वकीलों के समूह के बात करने पर भी धरना ख़त्म नहीं हुआ। इस प्रदर्शन के कारण देश भर में ऐसे ही प्रदर्शन कई जगहों पर हुए। लेकिन अब कोरोना वायरस के डर से इसको ख़त्म करने का दबाव है। 
भारत में अब तक 324 मामले सामने आ चुके हैं। भारत में बिगड़ती स्थिति के कारण कई तरह की पाबंदियाँ लगाई गई हैं। पूरे देश भर में स्कूल-कॉलेज, मॉल, बार आदि बंद हैं। एक दिन के लिए 'जनता कर्फ्यू' के रूप में लॉकडाउन किया गया है ताकि इसको फैलने से रोका जा सके। ज़रूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मेडिकल जैसी ज़रूरी सेवाएँ ही जारी रहेंगी, बाक़ी सारी सेवाएँ और प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। 
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क़मर वहीद नक़वी
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