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राघव चड्ढा का नाम दिल्ली शराब स्कैम की पूरक चार्जशीट में

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को दिल्ली शराब नीति मामले में अपनी दूसरी पूरक चार्जशीट में आप सांसद राघव चड्ढा के नाम का उल्लेख किया है। मनीष सिसोदिया के पूर्व सचिव सी. अरविंद ने जांच एजेंसी को बताया था कि राघव चड्ढा के साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री के आवास पर एक बैठक हुई थी। सी. अरविंद के बयान के अनुसार, बैठक में पंजाब के आबकारी आयुक्त वरुण रूजम, मामले के एक आरोपी विजय नायर और पंजाब आबकारी निदेशालय के अन्य अधिकारी भी शामिल थे। विजय नायर इस मामले में पहले से ही जेल में है।

दिल्ली शराब घोटाला धीरे-धीरे आम आदमी पार्टी और उसके प्रमुख केजरीवाल के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के समय हुई थी और माना गया था कि अब ईडी और सीबीआई शांत हो जाएंगी लेकिन अब नए घटनाक्रम के तहत जिस तरह दूसरी पूरक चार्जशीट में राघव चड्ढा का नाम आया है, वो बता रहा है कि केंद्रीय एजेंसियों के इरादे कुछ और हैं। बता दें कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने के लिए 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति ने कुछ डीलरों का पक्ष लिया, जिन्होंने इसके लिए कथित तौर पर रिश्वत दी थी, इस आरोप का आप ने जोरदार खंडन किया था। बाद में नई नीति को रद्द कर दिया गया। 

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इससे पहले की चार्जशीट में ईडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और उनके पूर्व डिप्टी मनीष सिसोदिया पर बड़े आरोप लगाए थे। पूरक चार्जशीट में, ईडी ने कहा कि नई शराब नीति केजरीवाल के दिमाग की उपज थी और उन्होंने सिसोदिया के साथ, विजय नायर को संरक्षण दिया, ताकि वे नीति बनाते और लागू करते समय अवैध गतिविधियों में शामिल हो सकें। विजय नायर इस मामले में गिरफ्तार होने वाला पहला आरोपी था।

दिल्ली शराब घोटाले में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री सीएम मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को गिरफ़्तार किया गया था। सीबीआई और ईडी ने कई बार संकेत दिया था कि इस घोटाले में दिल्ली से लेकर साउथ इंडिया तक के नेताओं के नाम आ रहे हैं। लेकिन दोनों जांच एजेंसियों ने कभी राघव चड्ढा का नाम नहीं लिया था।सीबीआई ने भारत राष्ट्र समिति की नेता और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता के पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट बुचिबाबू गोरांटला को गिरफ्तार किया था। के. केविता से भी लंबी पूछताछ की थी। इस मामले में आप का पदाधिकारी विजय नायर भी गिरफ्तार हुआ था। दरअसल, सीबीआई और ईडी को विजय नायर के जरिए बाकी नेताओं के बारे में सूचनाएं मिल रही हैं।
सीबीआई ने बीते साल अगस्त में एक विशेष अदालत में सिसोदिया और 14 अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और 477 ए (रिकॉर्ड का जालसाजी) और आईपीसी की धारा 7 के तहत मुकद्दमा दर्ज किया गया था। उस समय 14 अन्य लोगों में दूर दूर तक राघव चड्ढा का नाम नहीं था।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पिछले साल नवंबर में लाई गई दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

बीजेपी आरोप लगाती रही है कि दिल्ली शराब स्कैम मामले में विजय नायर ही मनीष सिसोदिया का खास सहयोगी था। वो उस समय आप का पदाधिकारी भी था।विजय नायर और कारोबारी अभिषेक बोनपल्ली की सूचनाओं ने इस पूरे नेक्सस को उधेड़ दिया। इस सिलसिले में सरकारी गवाह बन चुके दिनेश अरोड़ा की गवाही ने भी भूमिका निभाई है।
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सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि विजय नायर, जो एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी का पूर्व सीईओ था, ने अन्य लोगों के साथ आपराधिक साजिश रची और दिल्ली सरकार की नई शराब नीति बनवाई और लागू कराई। इसी तरह बोनापल्ली के बारे में सीबीआई ने कहा था कि उसने दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद में अन्य आरोपियों और शराब व्यापारियों के साथ बैठक की और शराब नीति तैयार की और इसका लाभ उठाया।

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क़मर वहीद नक़वी
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