राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के आगामी Gen Z-Gen Alpha कार्यक्रम से पहले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को अपने निवास स्थान छत्रपति संभाजीनगर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दिपके ने कहा कि 70-80 के बुजुर्ग से युवा पीढ़ी को क्या मिलेगा। उन्होंने संघ प्रमुख के इस कदम का स्वागत तो किया, लेकिन जोर देकर कहा कि युवाओं के साथ संवाद की कमान भी युवा चेहरों (Gen Z) के हाथों में ही होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के पर्चा लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया और राज्य सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) और 'जेन-जी' (Gen Z) विद्यार्थियों से संवाद करने वाले हैं। इस कार्यक्रम में देशभर के 100 से अधिक शहरों से 15 से 19 वर्ष की आयु के 2,000 से ज्यादा छात्रों के भाग लेने की संभावना है।
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इस आयोजन पर टिप्पणी करते हुए अभिजीत दिपके ने मंगलवार को कहा: "युवाओं के साथ संवाद होना अच्छी बात है, लेकिन यदि इसके लिए कुछ युवा चेहरों को आगे किया जाए तो यह और भी बेहतर होगा। देश के युवाओं ने सत्ता में बैठे लोगों को मजबूर कर दिया है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंस्टाग्राम पर रील पोस्ट करनी पड़ रही है और मोहन भागवत को जेन-जी से बातचीत करनी पड़ रही है। देर से ही सही, उन्हें यह समझ आ गया है कि जेन-जी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"
दिपके ने आगे कहा कि 70 से 80 वर्ष की आयु के वरिष्ठ नेताओं द्वारा संवाद किए जाने की तुलना में युवा अगर युवाओं से बात करें तो उसका प्रभाव और उपयोगिता अधिक होगी।

झारखंड में पर्चा लीक के खिलाफ प्रदर्शनकारी छात्रों को दिया समर्थन

अभिजीत दिपके ने झारखंड के रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 29 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों का खुलकर समर्थन किया। ये छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुए कथित पर्चा लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिपके ने बताया कि उन्होंने फोन पर प्रदर्शनकारी छात्रों से बात की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और न ही शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों के साथ वैसा ही रवैया अपनाया जा रहा है जैसा कुछ समय पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान किया गया था।

स्वतंत्र जांच और CBI/ED जांच की मांग

मंगलवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि झारखंड सरकार द्वारा अपराध अनुसंधान विभाग (CID) से कराई जा रही जांच केवल "मामले पर लीपापोती" करने का प्रयास है। छात्रों ने राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जजों की एक स्वतंत्र समिति से जांच कराने की मांग की है।
इससे पहले, छात्रों ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग उठाई थी, क्योंकि उनका दावा है कि इस भर्ती घोटाले में बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन हुआ है।
उल्लेखनीय है कि संघ प्रमुख का यह संवाद कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में NEET पर्चा लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए देशव्यापी युवा विरोध प्रदर्शनों के बाद 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

सीजेपी की दो दिवसीय रणनीतिक बैठक कल 5 अगस्त से

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपनी भावी रणनीति तय करने के लिए 5 अगस्त से छत्रपति संभाजीनगर में दो दिवसीय रणनीतिक बैठक (Strategy Meet) आयोजित करने जा रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक के आयोजन से ठीक पहले, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि उनके संगठन का कोई राजनीतिक दल (Political Party) बनाने का इरादा नहीं है।
सोमवार को इस बैठक की घोषणा करते हुए सीजेपी नेतृत्व ने बताया कि इसमें संगठन के संस्थापक, मुख्य प्रवक्ता और शीर्ष सांगठनिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस दौरान देश भर में युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को सही दिशा देने के लिए अगले कदमों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

राजनीतिक दल नहीं बनाने का फैसला: 'देश को जन आंदोलन की जरूरत'

अभिजीत दिपके ने स्पष्ट रूप से कहा कि सीजेपी को राजनीतिक पार्टी में बदलने की उनकी कोई योजना नहीं है। देश में वर्तमान राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा: "हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है। हम देख रहे हैं कि ED और CBI का इस्तेमाल करके राजनीतिक दलों को किस तरह तोड़ा जा रहा है और चुनावों में वोट काटे जा रहे हैं। जब जनता का राजनीति से भरोसा उठ चुका है, तो राजनीतिक पार्टी बनाकर हम क्या करेंगे? न्यायपालिका, चुनाव प्रणाली और मीडिया से भी लोगों का विश्वास उठ रहा है; ऐसे समय में इस देश को एक मजबूत जन आंदोलन (Public Movement) की जरूरत है।"

देशभर में 'लिसनिंग टूर' (Listening Tour)

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं में बढ़े उत्साह को देखते हुए, सीजेपी अपनी बैठक के बाद एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी। संगठन अपने कार्यकर्ताओं के जरिए देशभर के युवाओं से संवाद साधने के लिए एक 'लिसनिंग टूर' आयोजित करेगा। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा: "युवाओं के हाथों अहंकारी सरकार की हार से यह साबित हो गया है कि जब युवा एकजुट होते हैं, तो वे कुछ भी हासिल कर सकते हैं। हमारी टीम युवाओं की उम्मीदों को सार्थक बदलाव में बदलने के लिए सबसे बेहतर रास्ता तैयार कर रही है।"

बैठक में 50 कोर वॉलांटियर्स भी होंगे शामिल

छत्रपति संभाजीनगर में होने जा रही इस दो दिवसीय बैठक में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 50 प्रमुख कोर वॉलांटियर्स और अन्य हितधारकों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जा सके।

जंतर-मंतर प्रदर्शन में बाहरी तत्वों ने घुसपैठ की थीः दिपके

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर हुई हिंसा पर बोलते हुए अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि बाहरी तत्वों ने शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन को बदनाम करने के लिए उसमें घुसपैठ की थी। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस की विफलता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- "मैंने शुरुआत से ही कहा था कि विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए बाहरी असामाजिक तत्वों को भेजा जाएगा। इन उपद्रवियों ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर पहले से साजिश रची थी। जिस धरना स्थल पर मुझे बिना चेकिंग के जाने नहीं दिया जा रहा था, वहां 2,100 अपराधी खुलेआम घूम रहे थे।" 
दिपके ने पूछा- "गृह मंत्री अमित शाह के अधीन यह सब कैसे हो सकता है? क्या पुलिस केवल 12 साल की बच्चियों पर लाठियां चलाने के लिए सक्रिय होती है? दिल्ली पुलिस खुद मान रही है कि वहां 2,100 अपराधी मौजूद थे, जो सीधे तौर पर अमित शाह और पुलिस की नाकामी व पूर्व-नियोजित साजिश को दर्शाता है।"