कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार 6 अगस्त को देशव्यापी जनसंपर्क अभियान 'क्या बोलती पब्लिक' (Kya Bolti Public) की शुरुआत करने का ऐलान किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे समझना और उनकी आवाज को उठाना है।
संभाजी नगर में अभियान की घोषणा करते हुए दिपके ने स्पष्ट किया कि 'क्या बोलती पब्लिक' का पहला और प्रमुख ध्यान शिक्षा प्रणाली में सुधार पर होगा। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है।

शिक्षा को बताया 'बिजनेस', डॉ. बी. आर. आंबेडकर का किया जिक्र

अभिजीत दिपके ने शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा: "डॉ. बी. आर. आंबेडकर के अनुसार शिक्षा एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसे केवल मुनाफा कमाने का एक व्यवसाय (Business) बना दिया गया है।"
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अभियान को लेकर दिपके क्या कहा

महंगी स्कूली शिक्षा: दिपके ने आरोप लगाया कि पहली कक्षा (Class 1) के छात्रों की वार्षिक फीस ₹1 लाख से ₹2 लाख तक पहुंच चुकी है, और यह भारी-भरकम डोनेशन राशि के अतिरिक्त है। उन्होंने सवाल उठाया कि मध्यम और निम्न आय वर्ग वाले परिवार, जिनकी आमदनी इतनी नहीं है, वे यह खर्च कहां से वहन करेंगे?
कर्ज के बोझ में दबते परिवार: उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस परिवारों को बैंक लोन और कर्ज के जाल में धकेल रही है।
मुफ्त और सुलभ शिक्षा की वकालत: CJP संस्थापक ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य अभिभावकों को इस आर्थिक मानसिक दबाव से मुक्त करना है, ताकि कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को उच्च शिक्षा दिलाने में खुद को लाचार महसूस न करे।

क्या है 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान?

इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत CJP कार्यकर्ता और नेता देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर आम जनता, विद्यार्थियों, अभिभावकों और कामकाजी वर्ग से संवाद स्थापित करेंगे। शिक्षा सुधार के बाद यह अभियान स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय नागरिक समस्याओं से जुड़े मुद्दों को भी कवर करेगा।

सीजेपी की अब तक की गतिविधियां

मई 2026 में अभिजीत दिपके ने सीजेपी बनाकर इसकी शुरुआत युवा आंदोलन के रूप में हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने एक केस की सुनवाई में आंदोलनकारियों को कॉकरोच और परिजीवी कहा था। उसी समय दिपके ने सीजेआई की टिप्पणी को व्यंग्य में बदलते हुए कॉकरोच जनता पार्टी बना दी। इस संगठन ने मुख्यधारा की राजनीति से अलग हटकर युवाओं, बेरोजगारी, पारदर्शी शासन और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही जैसे मुद्दों को उठाया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के बल पर इस मंच ने बहुत ही कम समय में लाखों डिजिटल फॉलोअर्स बटोरे और सोशल मीडिया पर एक बड़े युवा आंदोलन का रूप ले लिया।

नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन बना जन-आंदोलन

जून और जुलाई 2026 के दौरान सीजेपी तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आई जब उसने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा धांधली और पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर सहित देश भर में विशाल विरोध प्रदर्शनों की अगुआई की। लगभग 37 दिनों तक चले इस छात्र आंदोलन के दौरान संगठन ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए कानूनी और चिकित्सीय सहायता का प्रबंध किया। आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकने की घटना और कुछ कानूनी विवाद भी सामने आए, जिसके बाद संस्था ने गिरफ्तार व घायल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने के लिए सरकार से बातचीत जारी रखी है।

'प्रेशर ग्रुप' के रूप में विस्तार और 'क्या बोलती पब्लिक'

5 और 6 अगस्त 2026 में छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में आयोजित दो दिवसीय कोर कमेटी बैठक में सीजेपी ने फिलहाल किसी पारंपरिक राजनीतिक दल में तब्दील न होकर एक गैर-राजनीतिक 'प्रेशर ग्रुप' (दबाव समूह) के रूप में कार्य करने का फैसला किया। संगठन ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अपना मेंटर माना है और झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलनों को समर्थन देने का ऐलान किया है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सीजेपी ने देशव्यापी अभियान 'क्या बोलती पब्लिक' की घोषणा की है, जिसका पहला चरण शिक्षा प्रणाली में सुधार और महंगी स्कूली/कोचिंग फीस के खिलाफ केंद्रित है।