बाउंसरों का प्रतीकात्मक फोटो
नोएडा की घटनाः गुड़गांव में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे भी वीभत्स घटना अप्रैल 2022 में नोएडा के रेस्तरां बार में हुई। नोएडा सेक्टर-38 के गार्डन्स गैलेरिया मॉल में तो बाउंसरों ने एक शख्स की पीट पीट कर हत्या कर दी। बृजेश राय अपने 5-6 साथियों के साथ पार्टी करने मॉल के एक बार में गए था। रात करीब 11 बजे बिल के पैसे को लेकर बार में कुछ बाउंसरों से उनका झगड़ा हो गया। बाउंसरों ने उनका बेरहमी से मारा। इससे राय सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने एफआईआर भी की, आरोपियों को गिरफ्तार भी किया लेकिन बाद में मामला रफादफा कर दिया गया।
अवैध है तो कार्रवाई क्यों नहींः नोएडा की घटना के दो दिन बाद आबकारी विभाग और पुलिस ने सभी पब और बार मालिकों से मुलाकात की और निर्देश दिया कि वो लोग अपने बार से बाउंसर हटाएं। आबकारी विभाग ने जिले के सभी पब और बार मालिकों को अपने कर्मचारियों की सूची का विवरण जल्द से जल्द सौंपने को भी कहा। पब और बार में 'बाउंसर' रखने का चलन कानूनी नहीं है। अब बार, रेस्तरां और अस्पताल वाले बाउंसर रखने लगे हैं।
नोएडा के सभी पब, बार, रेस्तरां वालों से 100 रुपये के स्टांप पेपर पर एक हलफनामा मांगा गया था, जिसमें बारमेन, वेटर, मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के नाम और पता व फोन नंबर हों। पुलिस उनका सत्यापन करती है। लेकिन इस नियम का पालन सिर्फ नोएडा ही नहीं आसपास के अन्य जिलों में भी नहीं हो रहा है। नोएडा और गाजियाबाद के पब, बार, रेस्तरां यूपी सरकार के तहत आते हैं, जबकि गुड़गांव, फरीदाबाद के पब, बार, रेस्तरां वगैरह हरियाणा सरकार के तहत आते हैं। पूरे देश में एक ही नियम है कि बाउंसर रखा जाना अवैध है, लेकिन किसी भी सरकार ने कहीं कोई कार्रवाई नहीं की। दरअसल, इन जगहों से मिलने वाली मोटी आबकारी फीस और रिश्वत उन्हें ऐसा करने से रोक देती है। तमाम अधिकारी व्यक्तिगत रूप से भी इन हालात का फायदा उठा रहे हैं तो एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर आंखें चुरा लेते हैं।