loader

दिल्लीः जहांगीरपुरी और आसपास साम्प्रदायिक हिंसा, हाई अलर्ट जारी

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती जुलूस पर कथित रूप से पथराव किए जाने के बाद दो समुदायों के सदस्य आज आपस में भिड़ गए। इस हंगामे में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए हैं। दिल्ली और एनसीआर के शहरों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। खासकर यूपी बॉर्डर पर चौकसी बरसी जा रही है।जहांगीरपुरी में झड़पों के जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें एक सड़क के विभिन्न किनारों पर लोगों के विशाल समूहों को एक-दूसरे पर पथराव करते हुए दिखाई दे रहे हैं और पुलिस द्वारा हस्तक्षेप करने की कोशिश की जा रही है।

दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने कहा कि सिर्फ जहांगीरपुरी ही नहीं बल्कि आसपास के और संवेदनशील इलाकों में भी झड़पें हुई हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अतिरिक्त बलों को अशांत क्षेत्रों में भेजा गया है। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की दो कंपनियों को भी तैनात किया गया है। दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। ट्विटर पर, पुलिस कमिश्नर अस्थाना ने कहा कि दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहों और फर्जी खबरों पर ध्यान न देने की अपील की।

ताजा ख़बरें
कुछ घायलों को इलाज के लिए जहांगीरपुरी के बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी डीसीपी अन्येश रॉय ने कहा कि जुलूस के दौरान हंगामा हुआ। उसी दौरान पथराव की खबरें आई हैं, साथ ही आगजनी की कुछ घटनाएं भी हुई हैं। रॉय ने कहा, हमारे सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं और स्थिति नियंत्रण में है। अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। हम जांच कर रहे हैं कि कौन से पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

इस बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर से बात की है। उन्होंने कहा कि हालात को पूरी संवेदनशीलता से निपटा जाए और सभी तरह के उपाय शांति कायम करने के लिए किए जाएं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ट्वीट करके घटना की निन्दा की और कहा कि लोग एक दूसरे का हाथ पकड़कर सद्भाव बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) से भी बात की है। बता दें कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र सरकार के नियंत्रण में है। दिल्ली में केंद्र के प्रतिनिधि एलजी हैं।टीवी मीडिया पर सोशल मीडिया पर आए वीडियो में जहांगीरपुरी की घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों के विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं। दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे पर पहले पथराव का आरोप लगा रहे हैं। कई वीडियो ऐसे भी सामने आए हैं, जिसमें समुदाय विशेष के लोग एक दूसरे को गालियां दे रहे हैं। कई फेक वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाले गए हैं। 
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें