सुप्रसिद्ध इकोनॉमिस्ट पत्रिका ने अपने ताजा अंक में भारत का आर्थिक भूगोल पेश किया है। जिसमें उत्तर और दक्षिण भारत की तुलना की गई है। लेखक और चिन्तक अरुण माहेश्वरी का कहना पत्रिका का आकलन आंख खोलने वाला है, क्योंकि जिस तरह केंद्र सरकार एक भाषा, एक दल, एक राष्ट्र जैसे विचार को बढ़ा रही है, वो खतरनाक है। पढ़िए उनकी पूरी बात।
यूपी में भारत की आबादी के 17 प्रतिशत लोग वास करते हैं, पर उद्योगों में कार्यरत लोगों में यूपी के लोगों की संख्या सिर्फ़ 9 प्रतिशत है । उद्योगों में लगे आधे से ज़्यादा लोग दक्षिण के पाँच राज्यों और पश्चिम के गुजरात के हैं । एपल जैसी कंपनी के उत्पादों को बनाने वाले कुल 11 कारख़ानों में से उत्तर में सिर्फ़ एक है और अकेले तमिलनाडु में उनकी संख्या 6 हैं ।