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फ़ोटो साभार: ट्विटर/वार वाच

चीन के जानलेवा वुहान वायरस से भारतीय चिंतित क्यों?

चीन के जानलेवा कोरोना वायरस या वुहान वायरस का डर दुनिया भर में फैल रहा है और यही डर भारत में भी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीन में भारतीयों के स्वास्थ्य की लगातार जाँच की जा रही है और नज़र रखी जा रही है। दरअसल, भारत के चिंतित होने की वाजिब वजह है। चीन में अब तक इस वायरस से कम से कम 56 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम दो हज़ार लोग प्रभावित हैं। इस वायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित वुहान शहर में 250 से ज़्यादा भारतीय छात्र फँसे हैं और ऐसी रिपोर्टें हैं कि भारत सरकार ने चीन सरकार से उन छात्रों को अपने देश लौटने देने की अनुमति देने को कहा था। यह वुहान शहर ही है जहाँ से इस वायरस से प्रभावित पहला मामला दिसंबर में आया था और इसलिए इसे इस शहर के नाम पर दुनिया भर में वुहान वायरस भी कहा जा रहा है। चिंता की एक बड़ी वजह यह भी है कि चीन की सीमाएँ भारत से लगती हैं और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही भी काफ़ी ज्यादा है। ऐसे में वायरस के फैलने का ख़तरा ज़्यादा है।

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इन्हीं चिंताओं की वजह से विदेश मंत्री की भी इस पर प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने इस पर ट्वीट कर लिखा, 'बीजिंग में हमारा दूतावास चीन में रहने वाले भारतीयों के स्वास्थ्य की जाँच लगातार कर रहा है। स्थिति के बारे में जानने के लिए कृपया @EOIBeijing पर अपडेट लें।' इस ट्वीट के साथ ही उन्होंने @EOIBeijing के ट्वीट को भी रिट्वीट किया जिसमें लिखा है, 'उन लोगों की सुरक्षा के लिए प्रक्रियाओं और आगे के क़दम उठाने के लिए हम लगातार चीन के अधिकारियों के संपर्क में हैं। चीन में रहने वाले भारतीयों से जुड़ी किसी भी चिंता के समाधान के लिए हमारे दो हॉटलाइन (+8618612083629 और  +8618612083617) चालू हैं।'

कहा जा रहा है कि क़रीब 700 भारतीय छात्र वुहान शहर में पढ़ते हैं। लेकिन जब तक इस वायरस के कारण शहर छोड़ने पर रोक लगी तब तक कई छात्र वहाँ से निकल गए थे। फ़िलहाल माना जा रहा है कि 250 से 300 छात्र अभी भी शहर में फँसे हुए हैं। 

यह ख़तरा कितना बड़ा है इसका अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि चीन में फैले इस वायरस के कारण 23 जनवरी को ही विश्व स्वास्थ संगठन की इमरजेंसी कमिटी की बैठक भी बुलाई गई कि क्या इसको विश्व के लिए पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया जाए या नहीं। हालाँकि कमिटी ने कहा कि विश्व स्तर पर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की स्थिति अभी नहीं है। हालाँकि बाद में फिर से स्थिति की पड़ताल करने के लिए इस पर बैठक होगी। 

अपने ताज़ा बयान से पहले ही भारत ने चीन की यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए ट्रैवल एडवाइज़री जारी की थी। इसमें बहुत तेज़ी से फैल रहे कोरोना वायरस के बारे में चेताया गया है। तो क्या है यह वायरस कि ऐसी चेतावनी जारी करनी पड़ी?

क्या है कोरोना वायरस?

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यह एक नया वायरस है। चीन के हुएई प्रांत के वुहान शहर में न्यूमोनिया के कई केस आने के बार में डब्ल्यूएचओ को 31 दिसंबर 2019 को जानकारी दी गई। यह वायरस अलग तरह का वायरस था। डब्ल्यूएचओ के अनुसार यही बड़ी चिंता की वजह थी क्योंकि यह पता नहीं था कि यह लोगों को कैसे प्रभावित करता है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार क़रीब एक हफ़्ते बाद 7 जनवरी को उसे बताया गया कि चीन के अधिकारियों ने एक नये वायरस की पहचान की। यह नया वायरस कोरोना वायरस है। इसे नया नाम 2019-CoV दिया गया है। यह सामान्य तौर पर होने वाले जुकाम वाले वायरस या इसी तरह के एसएआरएस यानी गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम और एमईआरएस (मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) वायरस की तरह का है। एसएआरएस का मामला पहली बार नवंबर 2002 में चीन में आया था और फ़रवरी 2003 में इसकी पहचान की गई। 2003 में इसका वैश्विक प्रकोप उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप और एशिया में भी हुआ था।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, इस वायरस के सामान्य लक्षणों में बुखार, खाँसी और साँस की तकलीफ़ जैसी शारीरिक समस्याएँ शामिल हैं। गंभीर संक्रमण में न्यूमोनिया, किडनी का फेल होना शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह वायरस मानव से मानव के बीच फैलता है। लेकिन जानवर इस वायरस के फैलने के संभावित प्राथमिक स्रोत हैं। हालाँकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि कौन से जानवर संक्रमण के लिये ज़िम्मेदार हैं। डब्ल्यूएचओ ने बचाव के उपाये भी सुझाए हैं।

बचाव के उपाय

  1. संक्रमण से बचने के लिए हाथ मिलाने के बाद हाथों को धोएँ।
  2. पालतू और जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
  3. खाँसते या छींकते समय मुँह और नाक को ढँके।

पूरी दुनिया में फैल रहा है वायरस

अब तक जापान में वुहान वायरस से पीड़ित तीन मामलों की पुष्टि हो चुकी है। सिंगापुर में भी चार लोगों के इस वायरस से बीमार होने की पुष्टि हुई है। हाँगकाँग में वुहान वायरस के कारण आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। थाइलैंड में कम से कम पाँच, फ्रांस में 3, मकाउ, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और वियतनाम में 2-2 केस की पुष्टि हुई है। ऑस्ट्रेलिया, नेपाल और ताइवान में भी इस वायरस से पीड़ित लोगों की पुष्टि हो चुकी है। हालाँकि किसी भारतीय में इस वायरस के पाए जाने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन भारत के पड़ोस में ऐसा होने और बड़ी संख्या में चीन में भारतीयों के होने से चिंतित होना स्वाभाविक है। 

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