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कुश्ती: निगरानी कमेटी पर क्या पहलवानों से विश्वासघात हुआ?

डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष और पहलवानों के बीच चल रहे विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। जिसमें पहलवानों ने ट्विट करते हुए आरोप लगाया है कि डब्ल्यूएफआई के संचालन और जांच के लिए बनी ओवर साइट कमेटी के गठन में उनसे सलाह तक नहीं ली गई है। जबकि खेल मंत्री द्वारा हमें इसका आश्वासन दिया गया था कि को समिति बनेगी उसमें पहलवानों से सलाह ली जाएगी।
इस मसले पर साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया द्वारा ट्विट करते हुए लिखा कि  "हमें आश्वासन दिया गया था कि Oversight Committee के गठन से पहले हमसे परामर्श किया जाएगा। बड़े दुख की बात है कि इस कमेटी के गठन से पहले हमसे राय भी नहीं ली गई." दोनों ही पहलवानों ने अपने ट्विट में प्रधानमंत्री, अमित शाह और अनुराग ठाकर को टैग भी किया गया है।
सोमवार को खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने अगले एक महीने के लिए डब्ल्यूएफआई के दिन-प्रतिदिन के मामलों के संचालन के  के लिए एमसी मैरीकॉम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति को नामित किया था। पांच सदस्यों वाली यह समिति बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने वाली थी।
भारत के दिग्गज पहलवान साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने मंगलवार को खेल मंत्रालय द्वारा डब्ल्यूएफआई को चलाने के लिए छह बार की मुक्केबाजी विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम की अगुवाई बनी निगरानी समिति में उनसे सलाह न लेने के लिए अपनी निराशा व्यक्त करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।
महिला पहलवानों के आरोपों के बाद दो दिन तक चली खींचतानी के बाद डब्ल्यूएफआई  के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को जांच पूरी होने तक उनके कामकाज करने पर रोक लगा दी गई थी।
तब तक डब्ल्यूएफआई के दिन-प्रतिदिन के कामकाज को ओवरसाइट कमेटी द्वारा उनकी अनिवार्य अवधि तक देखा जाएगा और यह डब्ल्यूएफआई और उसके प्रमुख के खिलाफ गंभीर आरोपों की भी जांच करेगी।
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