देश भर में छिड़े छात्र आंदोलन के जबरदस्त दबाव के आगे आखिर पीएम नरेंद्र मोदी को झुकना ही पड़ा, लेकिन क्या सरकार के इस कदम से युवाओं का गुस्सा शांत हो जाएगा? देखिए सत्य हिंदी पर वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष का बड़ा विश्लेषण।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है।


















