झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर नौ दिन से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो को सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के मार्च में शामिल होने के बाद तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों ने महतो की हालत गंभीर बताई क्योंकि उनका ब्लड शुगर लेवल 'बहुत ज़्यादा' गिर गया था। रांची सदर अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया है। अस्पताल में महतो के साथ मौजूद उनके एक सहयोगी पंकज कुमार ने दावा किया कि विधानसभा के पास पुलिस लाठीचार्ज के दौरान उन्हें चोट लगी थी।

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को झारखंड विधानसभा के पास हुई झड़प में कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का विरोध कर रहे नौकरी के उम्मीदवारों को हटाने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था।
5.30 PM
कुछ छात्र प्रदर्शनकारी झारखंड विधानसभा गेट पर पहुंच गए हैं। विधानसभा के गेट पर उनकी पुलिस से भिड़ंत हुई। पुलिस बार-बार प्रदर्शनकारियों से लौटने की अपील कर रही है। क्योंकि विधानसभा की कार्यवाही भी स्थगित हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमें ऊपर से संयम बरतने को कहा गया है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। 

राहुल गांधी का बयान

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की निन्दा की है। राहुल ने एक्स पर लिखा- झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है। छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है। झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
4.25 PM
रांची पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों से अपने घरों को लौटने की अपील की है क्योंकि झारखंड विधानसभा का सत्र आज के लिए समाप्त हो गया है।
4.00 PM
विधानसभा के पास छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई है। छात्र विधानसभा तक पहुंचना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें आखिरी चेतावनी देकर रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने फिर ज़बरदस्त लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। पुलिस का आरोप है कि पुलिस वालों पर प्रदर्शनकारियों ने चप्पल और बोतलें फेंकी। 
  • बढ़ते विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर विधानसभा को अचानक ही स्थगित कर दिया गया।
  • प्रदर्शन कर रहे युवकों पर लाठीचार्ज से कई को चोट आई है। घायल हुए प्रदर्शनकारी संजय महतो ने कहा, "मेरे सिर और पैरों में दर्द हो रहा है, और मेरे सिर से खून बह रहा है।"
2.55 PM

छात्र प्रदर्शन के बीच जेपीएससी का पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार

झारखंड सीआईडी ​​ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगटे को गिरफ्तार किया है। सीआईडी ​​के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को यह जानकारी दी। यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब हजारों छात्र परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी मांगों को लेकर रांची स्थित झारखंड विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं।
2.30 PM
कॉकरोच जनता पार्टी संयोजक अभिजीत दिपके ने देवेंद्र महतो का वीडियो शेयर करते हुए छात्र आंदोलन का समर्थन किया है।
1.30 PM

छात्रों पर लाठीचार्ज

बैरिकेड के पास प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्रों ने इसे "बर्बर" बताया है। एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि पुलिस ने छात्रों के सिर, हाथ और चेहरे पर लाठीचार्ज किया और कहा कि पूरी ताकत का इस्तेमाल किया गया। लाठीचार्ज में घायल हुए छात्र प्रदर्शनकारी विक्रम कुमार ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, तभी पुलिस ने अचानक बल प्रयोग किया।कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को गाली नहीं दी या उकसाया नहीं और लाठीचार्ज को अनुचित बताया। बहरहाल, प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए। छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
12.38 PM
विधानसभा की तरफ बढ़ रहे आंदोलनकारियों पर पानी की बौछार। बौछार में ही छात्र नाचने लगे। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कांटेदार बाड़ की आलोचना करते हुए इसकी आवश्यकता पर सवाल उठाया। महतो ने कहा, “जब सरकार ने कांटेदार बैरिकेड्स लगाए, तो मेरी तबीयत ठीक न होने के बावजूद मैं खुद को रोक नहीं पाया। क्या यह पाकिस्तान, बांग्लादेश या चीन की सीमा है? ये तो छात्र हैं।”
12.30 PM

'कांटेदार तार हमें नहीं रोक पाएंगे': महतो

जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो सोमवार को जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मोर्चा के 'विधानसभा घेराव' मार्च में शामिल हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को छात्रों की मांगें सुननी ही होंगी। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का चित्र लिए हुए महतो ने जनता से उन्हें नायक न मानने का आग्रह किया और कहा, "मैं कोई भगवान या मसीहा नहीं हूं; मैं एक आम आदमी हूं। लेकिन कांटेदार तार भूख हड़ताल से ज्यादा दर्द देते हैं।" उन्होंने भारी बैरिकेडिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों ने तीन स्तर पार कर लिए हैं। उन्होंने पूछा, "सरकार अराजकता क्यों चाहती है और छात्रों की मांगों को क्यों नहीं मानती?"
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक गायब
झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सोमवार को भाजपा विधायकों की सदन में प्रश्न उठाने के बावजूद कार्यवाही में अनुपस्थित रहने पर आलोचना की। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने भाजपा विधायकों नागेंद्र महतो, चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह और राज सिन्हा को फटकार लगाई, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। यह टिप्पणी भाजपा विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र प्रदर्शन के बीच हिरासत में लिए जाने के बाद आई है।

रांची में देवेंद्र नाथ महतो छात्रों के मार्च को लीड करते हुए

पुलिस बैरिकेड्स पार करते हुए छात्र आगे बढ़े

11.43 AM
  • रांची में हज़ारों आंदोलनकारी छात्र विधानसभा जाने वाले रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। अभी तक उनका मार्च शांतिपूर्ण है। नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो एम्बुलेंस में सवार हैं। 
  • रांची निरीक्षक दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के आगे बैरिकेड लगाए गए थे और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नहीं रोका था, वे स्वयं रुके थे। उन्होंने पीटीआई को बताया, "अगर वे आगे बढ़ते हैं तो हम तय करेंगे कि उन्हें कहां रोकना है।"
  • बीजेपी नेता हिरासत मेंःमुख्यमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं, जिनमें आदित्य साहू और बाबूलाल मरांडी शामिल हैं, को पुलिस ने हिरासत में लिया।
11.30 AM
  • यह मार्च धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा परिसर से शुरू हुआ। पीटीआई के अनुसार, 4 किलोमीटर लंबे मार्ग पर धारा 163 लागू है और 1,500 से अधिक आरएएफ, आईआरबी, जिला पुलिस और क्यूआरटी कर्मियों को तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं, जबकि रांची के अधिकांश स्कूल बंद हैं।
  • तिरंगा लहराते और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी छात्रों ने नारे लगाए क्योंकि उनका आंदोलन 17वें दिन में प्रवेश कर गया। यह मार्च धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा परिसर से शुरू हुआ और नए विधानसभा भवन की ओर बढ़ रहा है, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्रों और राज्य सरकार के बीच रविवार को हुई तीसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। इसके बाद आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने सोमवार को घोषित 'विधानसभा घेराव' कार्यक्रम पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। दूसरी ओर, इस पूरे मामले में एक बड़ा घटनाक्रम तब देखने को मिला जब रविवार देर रात झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के बचे हुए तीनों सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हुई अनियमितताओं के आरोपों को लेकर CID द्वारा सोमवार को की जाने वाली पूछताछ से ठीक पहले आयोग के तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। इससे कुछ ही दिन पहले JPSC के अध्यक्ष ने भी अपना पद छोड़ा था। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तीनों सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। CID इस पूरे मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
16 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के मुख्य केंद्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से रविवार को युवकों ने अल्बर्ट एक्का चौक तक करीब एक किलोमीटर लंबी 'तिरंगा यात्रा' निकाली। JPSC-JSSC सुधार मंच के सदस्य कुणाल प्रताप सिंह और भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो ने स्पष्ट किया कि जब तक TDPL (निजी एजेंसी) से जुड़ी सभी परीक्षाएं रद्द नहीं की जातीं और जांच CBI को नहीं सौंपी जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
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सरकार का पक्ष और प्रस्ताव

सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि सरकार ने अधिकांश मांगें मान ली हैं: 14वीं JPSC परीक्षा और इसके 2023 व 2025 के बैकलाग को रद्द करना। परीक्षाओं में निजी एजेंसी TDPL की भूमिका की जांच। IIM रांची, IIT (ISM) धनबाद और XLRI के माध्यम से परीक्षाओं में संरचनात्मक सुधार। वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ED जांच और समानांतर CID जांच तथा समयबद्ध न्यायिक जांच का प्रस्ताव।

छात्रों के विधानसभा घेराव को रोकने की तैयारी

JSSC-CGL और CBI जांच पर सरकार का तर्क

मंत्री ने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा अदालत की निगरानी में आयोजित की गई थी और कई चयनित अभ्यर्थी सेवा में शामिल हो चुके हैं, इसलिए कानूनी आधार के बिना इसे रद्द नहीं किया जा सकता। CBI जांच की मांग पर सरकार ने कहा कि CBI पिछले दो दशकों से 1st और 2nd JPSC परीक्षा की जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अपील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से राजनीतिक बहकावे में न आने की अपील की। उन्होंने कहा: "आपकी मांगें आपका अधिकार हैं। सरकार आपके साथ है। हर वैध मांग का पारदर्शिता के साथ समाधान किया जाएगा। न्याय न केवल होगा, बल्कि दिखेगा भी।" मुख्यमंत्री ने परीक्षा सुधारों से सुझाव देने के लिए एक समर्पित पोर्टल शुरू करने की भी घोषणा की।

विधानसभा के आसपास कड़ी सुरक्षा

विधानसभा घेराव के मद्देनजर रांची प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू: उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू की गई है और इस क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन पूरी तरह अवैध है। विधानसभा जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। पूरे रास्ते की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए रांची के कई स्कूलों के जल्दी बंद होने या छुट्टी रहने की संभावना है। एसएसपी राकेश रंजन ने अभ्यर्थियों से असामाजिक तत्वों को दूर रखने की अपील की है, वहीं प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की हिंसा से छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और पुलिस वेरिफिकेशन पर असर पड़ सकता है।