झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। छात्र आज सोमवार 10 अगस्त को विधानसभा घेरने जा रहे हैं। जंतर मंतर पार्ट 2 दोहराने की आशंका बनी हुई है। हेमंत सोरेन सरकार का अभी तक का रवैया लचीला बना हुआ।
छात्रों के झारखंड विधानसभा घेराव को रोकने की तैयारी
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्रों और राज्य सरकार के बीच रविवार को हुई तीसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। इसके बाद आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने सोमवार को घोषित 'विधानसभा घेराव' कार्यक्रम पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। दूसरी ओर, इस पूरे मामले में एक बड़ा घटनाक्रम तब देखने को मिला जब रविवार देर रात झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के बचे हुए तीनों सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हुई अनियमितताओं के आरोपों को लेकर CID द्वारा सोमवार को की जाने वाली पूछताछ से ठीक पहले आयोग के तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। इससे कुछ ही दिन पहले JPSC के अध्यक्ष ने भी अपना पद छोड़ा था। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तीनों सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। CID इस पूरे मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
16 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के मुख्य केंद्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से रविवार को युवकों ने अल्बर्ट एक्का चौक तक करीब एक किलोमीटर लंबी 'तिरंगा यात्रा' निकाली। JPSC-JSSC सुधार मंच के सदस्य कुणाल प्रताप सिंह और भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो ने स्पष्ट किया कि जब तक TDPL (निजी एजेंसी) से जुड़ी सभी परीक्षाएं रद्द नहीं की जातीं और जांच CBI को नहीं सौंपी जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार का पक्ष और प्रस्ताव
सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि सरकार ने अधिकांश मांगें मान ली हैं: 14वीं JPSC परीक्षा और इसके 2023 व 2025 के बैकलाग को रद्द करना। परीक्षाओं में निजी एजेंसी TDPL की भूमिका की जांच। IIM रांची, IIT (ISM) धनबाद और XLRI के माध्यम से परीक्षाओं में संरचनात्मक सुधार। वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए ED जांच और समानांतर CID जांच तथा समयबद्ध न्यायिक जांच का प्रस्ताव।JSSC-CGL और CBI जांच पर सरकार का तर्क
मंत्री ने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा अदालत की निगरानी में आयोजित की गई थी और कई चयनित अभ्यर्थी सेवा में शामिल हो चुके हैं, इसलिए कानूनी आधार के बिना इसे रद्द नहीं किया जा सकता। CBI जांच की मांग पर सरकार ने कहा कि CBI पिछले दो दशकों से 1st और 2nd JPSC परीक्षा की जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अपील
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से राजनीतिक बहकावे में न आने की अपील की। उन्होंने कहा: "आपकी मांगें आपका अधिकार हैं। सरकार आपके साथ है। हर वैध मांग का पारदर्शिता के साथ समाधान किया जाएगा। न्याय न केवल होगा, बल्कि दिखेगा भी।" मुख्यमंत्री ने परीक्षा सुधारों से सुझाव देने के लिए एक समर्पित पोर्टल शुरू करने की भी घोषणा की।विधानसभा के आसपास कड़ी सुरक्षा
विधानसभा घेराव के मद्देनजर रांची प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू: उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू की गई है और इस क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन पूरी तरह अवैध है। विधानसभा जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। पूरे रास्ते की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए रांची के कई स्कूलों के जल्दी बंद होने या छुट्टी रहने की संभावना है। एसएसपी राकेश रंजन ने अभ्यर्थियों से असामाजिक तत्वों को दूर रखने की अपील की है, वहीं प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की हिंसा से छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और पुलिस वेरिफिकेशन पर असर पड़ सकता है।