बीसीसीआई के उस फ़ैसले पर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल की टीम से बाहर करने को कहा गया। यह फ़ैसला बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों की ख़बरों के बीच लिया गया। अब कांग्रेस नेता शशि थरूर, शिवसेना यूबीटी की प्रियंका चतुर्वेदी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार के इस फ़ैसले का विरोध किया है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे भयानक बताते हुए कहा कि खेल को राजनीति से अलग रखें, बांग्लादेश पाकिस्तान नहीं है! शिवसेना यूबीटी की प्रियंका चतुर्वेदी ने चेतावनी दी कि यह कदम बांग्लादेश के हिंदुओं की मदद नहीं करेगा, बल्कि भारत के खिलाफ गुस्सा बढ़ाएगा। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा, 'अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी को भेज सकते हो, तो शेख हसीना को भी वापस क्यों नहीं भेजते?' इधर, बांग्लादेश भड़का हुआ है और इसने आईपीएल का प्रसारण अनिश्चितकाल के लिए बैन कर दिया है, जबकि बीसीबी ने खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर आईसीसी से मांग की है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के उनके मैच भारत से बाहर कराए जाएं। तो क्या क्रिकेट अब पड़ोसी देशों की राजनीति का शिकार हो गया?
इस सवाल का जवाब ढूँढने से पहले यह जान लीजिए कि यह पूरा मामला क्या है। दिसंबर 2025 के मिनी ऑक्शन में केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। वह आईपीएल 2026 में खेलने वाले इकलौते बांग्लादेशी खिलाड़ी थे। लेकिन बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की ख़बरें आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। कई राजनीतिक नेता और धार्मिक संगठनों ने केकेआर और उसके मालिक शाहरुख खान की आलोचना की। आखिरकार, बीसीसीआई ने हालिया घटनाओं को देखते हुए केकेआर को मुस्तफिजुर को रिलीज करने का निर्देश दिया। केकेआर ने इसका पालन किया और अब टीम को रिप्लेसमेंट खिलाड़ी लेने की अनुमति मिलेगी।

बांग्लादेश पाकिस्तान नहीं है: थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बीसीसीआई के इस क़दम की कड़ी निंदा की है। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस से एक इंटरव्यू में कहा, 'यह बीसीसीआई का बेहद गलत और भयानक फैसला है। खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए। बांग्लादेश पाकिस्तान नहीं है। बांग्लादेश ने सीमा पार आतंकवादी नहीं भेजे हैं। दोनों देशों के साथ हमारे संबंध अलग-अलग हैं।'

थरूर ने आगे कहा कि यह फ़ैसला क्रिकेट के नज़रिए से भी बेमानी है। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई ने ही सभी टीमों को खिलाड़ियों की लिस्ट दी थी, मुस्तफिजुर उस लिस्ट में थे, केकेआर ने उन्हें चुना, तो गलती किसकी?

उन्होंने आगे कहा कि 'खेल को सोशल मीडिया के गुस्से का शिकार नहीं बनाना चाहिए। एक खिलाड़ी को उसके देश की राजनीति के लिए सजा देना गलत है।'

यह बांग्लादेश के हिंदुओं की मदद नहीं करेगा: प्रियंका चतुर्वेदी

शिवसेना यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को निशाना बनाने वाले लोग पछतावा करें। उन्होंने पाकिस्तान से तुलना करने वालों को याद दिलाया कि पाकिस्तान ने भारत पर सीधा हमला किया और आतंकवाद सप्लाई किया है। इसलिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल में नहीं खेलने दिया जाता। लेकिन बांग्लादेश अलग है। भारत ने बांग्लादेश को आज़ादी दिलाने में मदद की और दोनों देशों के संबंध अच्छे रहे हैं।
चतुर्वेदी ने कहा, 'बांग्लादेश में अस्थिरता है और कट्टरपंथ बढ़ रहा है। फरवरी में चुनाव होने हैं। हमें पड़ोसी देश के रूप में मदद करनी चाहिए ताकि लोकतंत्र बहाल हो। हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं, इसके ख़िलाफ़ मज़बूती से आवाज़ उठानी चाहिए। लेकिन एक खिलाड़ी को निशाना बनाना या शाहरुख खान को देशद्रोही कहना, सही नहीं है। इससे भारत के ख़िलाफ़ ग़ुस्सा बढ़ेगा और बांग्लादेश के हिंदुओं की मदद नहीं होगी।' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी को संगीत सोम जैसे लोगों को अपनी पार्टी से बाहर निकाल देना चाहिए, क्योंकि वे ऐसे राष्ट्र-विरोधी कामों में शामिल हैं, जैसा कि हम अभी देख रहे हैं।

ओवैसी: तो शेख हसीना को भी वापस भेज दो!

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारत की 'दोहरी नीति' पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हमला होने के बाद भी भारत ने पाकिस्तान के साथ एशिया कप मैच खेला। लेकिन बांग्लादेशी खिलाड़ी को वापस भेज दिया।
ओवैसी ने पूछा, 'अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी को वापस भेज सकते हो तो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भी वापस क्यों नहीं भेजते? वह भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश में स्थिरता भारत के हित में है। चीन और पाकिस्तान वहां सक्रिय हैं, इस पर ध्यान देना चाहिए।'

बांग्लादेश की प्रतिक्रिया

इस फ़ैसले से बांग्लादेश में ग़ुस्सा है। सरकार ने आईपीएल के प्रसारण पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीबी ने आईसीसी से कहा है कि टी20 विश्व कप 2026 के उनके मैच भारत से बाहर कराए जाएं, क्योंकि खिलाड़ियों की सुरक्षा की चिंता है। मुस्तफिजुर ने खुद कहा, 'अगर वे मुझे रिलीज करते हैं तो मैं कुछ कर नहीं सकता।'

भारत-बांग्लादेश संबंध पहले से तनावपूर्ण हैं, क्योंकि शेख हसीना के जाने के बाद वहाँ अस्थिरता बढ़ी है। अब देखना यह है कि आईसीसी और दोनों बोर्ड इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं।