"जब तक हम लोगों के काम करते रहेंगे और उनके लिए संसद में क़ानून बनाते रहेंगे, उनका राजनेताओं पर भरोसा बना रहेगा। लेकिन यदि राजनेता आपस में ही लड़ते रहें तो जनता का भरोसा उनसे उठ जाएगा।"
मोदी ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में कुछ गुजराती फंस गए तो आज़ाद ने जिस तरह उनकी मदद की, वह कभी भूल नहीं सकते। प्रधानमंत्री ने कहा, "ग़ुलाम नबी आज़ाद इतने चिंतित थे, मानो वे लोग उनके अपने रिश्तेदार हों।"