भारत में रेल हादसों की नैतिक जिम्मेदारी अपवादों को छोड़कर कोई रेल मंत्री लेता नहीं। दुनिया की नजरों में लालू प्रसाद यादव अकेले ऐसे रेल मंत्री रहे जिनके कार्यकाल में भारतीय रेल मुनाफे का कारोबार बना था। भाजपा की मौजूदा सरकार ने तो रेल मंत्रालय को ही आभाहीन बना दिया। पहले रेल का अलग बजट बनाया और संसद में पेश किया जाता था, लेकिन अब यह सब बंद है। देश को रेल की सेहत का कुछ अता-पता नहीं है।
खास बात ये है कि, रेलवे के लिए अलग से कोई खास घोषणाएं नहीं की गई जिससे ये माना जा रहा है कि रेलवे अपनी पुरानी योजनाओं को ही पूरा करने पर जोर देगी । रेलवे बजट पर विशेषज्ञों का कहना था कि मोदी सरकार का जोर रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और हाई स्पीड ट्रेनों को हकीकत के और नजदीक पहुंचाने पर है।