loader

पाकिस्तानी मंत्री ने भारत को दी परमाणु युद्ध की धमकी

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी भारत को परमाणु हमले की धमकी दी थी। ऑक्सफ़ोर्ड का पढ़ा लिखा आधुनिक विचारों वाला यह उदारवादी नेता इस मामले में सबसे आगे निकल गया। इमरान ने  दुनिया के सबसे बड़े मंच यानी संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए भारत को यह धमकी खुले आम दी थी। 
प्रमोद मल्लिक
सऊदी अरब से झटका खा कर मुसलिम जगत में अलग-थलग पड़े पाकिस्तान के एक केंद्रीय मंत्री ने एक बार फिर भारत को परमाणु युद्ध की धमकी दी है। रेल मंत्री शेख राशीद अहमद ने कहा है कि पाकिस्तान के पास छोटे-छोटे और बिल्कुल सटीक मार करने वाले परमाणु बम हैं, जिनकी जद में असम तक आ सकता है।
देश से और खबरें
रेल मंत्री शेख राशीद ने 'समा टीवी' को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यदि भारत के साथ पाकिस्तान का युद्ध हुआ तो वह अंतिम और निर्णायक युद्ध होगा। उन्होंने माना कि पारंपरिक यु्द्ध में पाकिस्तान भारत को नहीं हरा सकता। लिहाज़ा वह परमाणु बम का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा,

'यह एटमी जंग होगी। हमारा हथियार बहुत ही छोटा, कैलकुलेटेड, परफेक्ट और मुसलमानों की जानें बचाते हुए असम तक टारगेट कर सकता है।'


शेख रशीद अहमद, रेल मंत्री, पाकिस्तान

न्होंने इस परमाणु युद्ध की ज़रूरत कुछ इस तरह बताई, 'पाकिस्तान के पास पारंपरिक युद्ध की गुंजाइश बहुत ही कम है, इसलिए हिन्दुस्तान को पता है कि हमारे साथ क्या होगा।'

विदेश मंत्री की नाकाम सऊदी यात्रा

समझा जाता है कि शेख राशीद के इस बयान के पीछे वजह सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा की नाकाम सऊदी यात्रा है। वह महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करने के लिए रियाद गए थे, लेकिन सऊदी अरब के शहजादे मुहम्मद बिन सलमान ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। समझा जाता है कि इससे लोगों का ध्यान हटाने के लिए भारत के ख़िलाफ़ इस तरह की बात कही गई है।
लेकिन शेख राशीद इस तरह की बातें पहले भी कर चुके हैं। उन्होंने सितंबर 2019 में कहा था कि पाकिस्तान के बीच 125-250 ग्राम तक के छोटे परमाणु बम हैं, जो सिर्फ लक्ष्य को नष्ट करेंगे।
इसके भी पहले यानी 2014 में एक दूसरे पाकिस्तानी मंत्री ने कहा था कि 'हमने परमाणु बम शबे बारात के लिए तो बनाए नहीं हैं!'  

इमरान ने दी थी धमकी

लेकिन यह कोई नई बात नहीं है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी भारत पर परमाणु हमले की धमकी दी थी। ऑक्सफ़ोर्ड का पढ़ा लिखा आधुनिक विचारों वाला यह उदार नेता इस मामले में सबसे आगे निकल गया। इमरान ने  दुनिया के सबसे बड़े मंच यानी संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए भारत को यह धमकी खुले आम दी थी। 
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने क़ुरान की अयात 'या इलाही इलल्लाह, मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह' पढ़ी और कहा कि मुसलमान सिर्फ़ एक ईश्वर को मानते हैं, उस पर भरोसा करते हैं। यदि उन पर हमला होगा तो वे अल्लाह के भरोसे युद्ध में कूद पड़ेंगे और उसके अंजाम की परवाह नहीं करेंगे। 

भारत के पास यदि परमाणु बम हैं तो पाकिस्तान भी परमाणु ताक़त है। यदि दो परमाणु संपन्न देशों के बीच युद्ध होगा तो क्या नतीजा होगा, यह विश्व समुदाय के लोग खुद सोच ले।


इमरान ख़ान, प्रधानमंत्री, पाकिस्तान

अगस्त 2019 में कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किए जान के बाद पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया हुआ था। उस समय भी इमरान ख़ान ने भारत पर परमाण हमले की धमकी दी थी।
अंग्रेजी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक़, टीवी चैनल अल-ज़ज़ीरा के साथ इंटरव्यू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा था कि 'इस बात की पूरी संभावना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर चल रही लड़ाई परमाणु युद्ध पर आकर ख़त्म हो सकती है।' इमरान ने कहा कि 'इस युद्ध से होने वाली तबाही भारतीय उप महाद्वीप से आगे जाएगी।'
Pakistan Minister sheikh rasheed threatens India of nuclear war - Satya Hindi

परमाणु युद्ध हुआ तो......

अमेरिका स्थित रटगर्स यूनिवर्सिटी ने एक 2014 में एक शोध प्रकाशित किया है। इस शोध में कल्पना की जाती है कि कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाकिस्तान युद्ध शुरू होता है, जो परमाणु युद्ध में तब्दील हो जाता है।
अमेरिका स्थित रटगर्स यूनिवर्सिटी ने यह कल्पना की है। उसने बीते दिनों इस विषय पर अपना शोध प्रकाशित किया है। इस शोध में कल्पना की जाती है कि कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाकिस्तान युद्ध शुरू होता है, जो परमाणु युद्ध में तब्दील हो जाता है।

पर्यवेक्षकों का कहना है कि शेख राशीद हल्की-फुल्की, ग़ैर-ज़िम्मेदाराना और सनसनीखेज बातों के लिए अपने देश में जाने जाते हैं। उनकी बातों को वहीं कई गंभीरता से नहीं लेता, इसलिए भारत को भी इस पर परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
प्रमोद मल्लिक
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें