देशभर में NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। इस बीच संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को लेकर गतिरोध चरम पर पहुंच गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संसद के दोनों सदन यानी लोकसभा और राज्यसभा 23 जुलाई को कई बार स्थगित हुए। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर से गुरुवार को मुलाकात कर सदन बिना गतिरोध चलाने की मांग की।

'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना चर्चा संभव नहीं'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्षी दल संसद में किसी भी प्रकार की चर्चा में भाग नहीं लेंगे। "हमने संसद में विपक्षी रुख से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को अवगत करा दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रमुक (DMK) को छोड़कर, INDIA गठबंधन के सभी घटक दल इस निर्णय पर पूरी तरह एकजुट हैं।"

राज्यसभा में खड़गे का तीखा हमला

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चर्चा के लिए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सबसे पहली शर्त है। "यदि सदन में पारदर्शी चर्चा करानी है, तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज के बयान भड़काऊ थे। उनके इस्तीफे के बाद ही हम किसी भी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार हैं।"
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शर्तें न थोपें, सरकार चर्चा के लिए तैयारः रिजिजू

इससे केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा- "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कड़ा संदेश देते हुए घोषणा की है कि पेपर लीक मामलों में जल्द न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आप तय करें कि चर्चा कब शुरू करनी है, लेकिन शर्तें न थोपें। शर्तें लगाकर आप केवल बहाने बना रहे हैं, और हर कोई समझता है कि आप चर्चा से बचने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार देश भर में हुई पेपर लीक की सभी घटनाओं पर चर्चा करने के लिए तैयार है।"

मंत्री रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि विपक्ष संसद के दोनों सदनों में NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा की तारीख और समय तय कर सकता है। रिजिजू ने कहा कि सरकार बहस के लिए तैयार है और चर्चा कब और कितनी देर तक हो, यह तय करना विपक्ष पर छोड़ दिया है। साथ ही, उन्होंने सदस्यों से संसद का कामकाज चलने देने की अपील की।

मकर द्वार पर INDIA ब्लॉक का जोरदार प्रदर्शन

संसद परिसर में मकर द्वार पर INDIA गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने हाथ में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल रहे:मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस अध्यक्ष)राहुल गांधी (लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष)प्रियंका गांधी वाड्रा (कांग्रेस सांसद)अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी अध्यक्ष)। देशभर के छात्रों के प्रदर्शन और संसद में विपक्ष के कड़े तेवरों के चलते इस मुद्दे पर गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है।