इससे पहले संसद के बाहर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ''चुनाव के दौरान लोगों द्वारा खारिज किए गए लोग सदन की कार्यवाही को भी बाधित करने की कोशिश करते हैं। जिन्हें लोगों ने 80-90 बार खारिज कर दिया, वे संसद में चर्चा की अनुमति नहीं देते हैं। वे लोगों की आकांक्षाओं को नहीं समझते। मुझे उम्मीद है कि संसद के शीतकालीन सत्र में हर दल के नए सदस्यों को अपने विचार साझा करने का मौका मिलेगा।''