नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार पर एकसाथ कई हमले किये। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया। राहुल ने जनता से अपील की वो सुप्रीम कोर्ट मार्च में शामिल हो।
राहुल गांधी सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन सोमवार को नए चरण में पहुंच गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर हमला तेज करते हुए दावा किया कि उन्हें उनसे संदेश मिल रहे हैं। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से सरकारी पक्ष का साथ छोड़कर ‘अप्रूवर’ बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को सामने आकर सच्चाई बतानी चाहिए।
इसी बीच, राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है। विपक्ष की योजना सोमवार दोपहर 3 बजे के आसपास शीर्ष अदालत में अपनी मांगें रखने की है। गठबंधन की प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक शामिल हैं।
राहुल गांधी ने कहा- ज्ञानेश कुमार को बहुत कुछ पता है
राहुल गांधी ने अपने बयान में संकेत दिया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पास चुनावी प्रक्रिया से जुड़े ऐसे तथ्य हो सकते हैं, जिनका खुलासा होना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें ज्ञानेश कुमार की ओर से संदेश मिल रहे हैं और उनसे कहा कि अगर उन्हें पूरी जानकारी है, तो उन्हें सामने आकर सच बताना चाहिए। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से ‘अप्रूवर’ बनने का आग्रह किया। ‘मोदी सरकार के 200 अधिकारी हमारे संपर्क में हैं’
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं। राहुल गांधी ने दावा किया, “मैं प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहता हूं कि आपकी सरकार के 200 अधिकारी हमारे संपर्क में हैं; वे हमें जानकारी दे रहे हैं।” राहुल ने कहा कि चुनाव आयोग से हमें बराबर सूचनायें मिल रही हैं। ईडी, सीबीआई, विदेश मंत्रालय के अधिकारी हमारे संपर्क में हैं।पुलिसकर्मी भी हमें सही कह रहे हैंः राहुल
उन्होंने यह भी कहा, "50 फीसदी पुलिसकर्मी हमें बता रहे हैं कि हम जो कर रहे हैं वह सही है और हमें इसे जारी रखना चाहिए। पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, भारत की जनता एक तरफ हैं और नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोवाल, ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के 4-5 सदस्य जो 'वोट चोरी' में मदद कर रहे हैं और देश को हाईजैक कर रहे हैं, दूसरी तरफ हैं। हम इस विभाजन को और बढ़ा रहे हैं...।"
सरकार ज्ञानेश कुमार का संरक्षण कर रही हैः राहुल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का संरक्षण कर रही है और दावा किया कि विपक्ष के पास मुख्य चुनाव आयुक्त के आचरण के बारे में जानकारी है। राहुल ने आरोप लगाया कि कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और उद्योगपति गौतम अडानी के दबाव में काम किया। उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि आप पर प्रधानमंत्री, अमित शाह, डोवाल और अडानी का दबाव है। हम यह जानते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष कुमार पर पड़ रहे दबाव को समझता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक चुनाव आयुक्त को हटाया नहीं जाता, चुनावी प्रणाली में सुधार नहीं किया जाता और न्याय नहीं मिलता। राहुल ने कहा, "हम रुकने वाले नहीं हैं," और भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की अपनी मांग को दोहराया।
आज दोपहर 3 बजे सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा इंडिया गठबंधन
राहुल गांधी ने कहा- इंडिया गठबंधन ने सोमवार को ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और अपनी मांगें रखने की योजना बनाई है। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विपक्षी नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का समय भी मांगा था।
विपक्ष की प्रमुख मांगें हैं:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
- मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाई जाए।
- वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं की जांच हो।
- मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
- चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।