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सावधान: सीजेआई सहित 30 जजों, स्टार्ट अप्स, ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर भी है चीन की नज़र

भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ सहित कई मुख्यमंत्रियों, खुसूसी अधिकारियों की जासूसी कर रही एक चीनी कंपनी ज़ेनहुआ की नज़र भारत के कई वर्तमान व पूर्व न्यायाधीशों और अर्थव्यवस्था से जुड़े स्टार्ट अप्स पर भी है। ड्रैगन आख़िर ये सब क्यों कर रहा है, उसे भारत की न्यायपालिका से जुड़े लोगों या भारतीय स्टार्ट अप्स की जानकारी से क्या हासिल होगा। जानकार इसे 'हाइब्रिड वारफेयर' बताते हैं और इसका मक़सद किसी देश से युद्ध किए बिना या बिना सैनिकों का इस्तेमाल किए उस पर अपना दबदबा कायम करना बताया जाता है। 

बहरहाल, अंग्रेजी अख़बार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने इसे लेकर एक और खुलासा करते हुए कहा है कि यह चीनी कंपनी 30 न्यायाधीशों को भी ट्रैक कर रही है। इनमें वर्तमान सीजेआई एसए बोबडे, सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज जस्टिस ए.एम.खानविलकर, राजस्थान हाई कोर्ट के जज संदीप मेहता, इलाहाबाद हाई कोर्ट की जज सुनीता अग्रवाल, सुप्रीम कोर्ट के चार रिटायर्ड जज जो वर्तमान में अहम पदों पर बैठे हैं, उन पर ज़ेनहुआ द्वारा बनाए गए ओवरसीज की इनफ़ॉर्मेशन डाटाबेस (ओकेआईडीबी) की नज़र है। 

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इन न्यायाधीशों में जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष, चेयरपर्सन, लोकपाल, न्यायमूर्ति शिवा कीर्ति सिंह, अध्यक्ष, दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीसैट), जस्टिस विक्रमाजीत सेन, चेयरपर्सन, गवर्निंग बोर्ड, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और जस्टिस चंद्रमौली कुमार प्रसाद, चेयरपर्सन, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया का नाम शामिल है। 

इसके अलावा इस सूची में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अपीलेट बोर्ड (आईपीएबी) के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति के बाशा और आईपीएबी की पूर्व उपाध्यक्ष न्यायमूर्ति एस. उषा का भी नाम दर्ज है।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक़, वामपंथियों से जुड़ी घटनाओं की जांच के लिए बने एक पैनल के प्रमुख और सिक्किम हाई कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस सतीश अग्निहोत्री की भी ट्रैकिंग ओकेआईडीबी द्वारा की जा रही है। जस्टिस अग्निहोत्री छत्तीसगढ़ में माओवादियों द्वारा बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की हत्या की जांच के लिए बने पैनल के प्रमुख हैं। जस्टिस अमितावा लाला की भी जासूसी की गई है। 

अख़बार के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पीके बालासुब्रमण्यन और अरिजित पसायत, दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस एपी शाह और मुंबई हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस मोहित शाह की भी मॉनिटरिंग की जा रही है। 

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इनकी भी हो रही ट्रैकिंग 

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश साइरिक जोसेफ, शिवराज विरुपन्ना पाटिल, सुजाता मनोहर, उड़ीसा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बिलाल नाज़की, उड़ीसा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुजीत रॉय और झारखंड के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रकाश टाटिया, पूर्व सीजेआई आरएम लोढ़ा, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गणपत सिंह सिंघवी, जस्टिस अभय मोहन सप्रे और जस्टिस डीके जैन का भी नाम जे़नहुआ द्वारा बनाए गए ओकेआईडीबी द्वारा की जा रही ट्रैकिंग में शामिल है।

इस विषय पर देखिए, वरिष्ठ पत्रकारों की चर्चा। 

1400 कंपनियों पर नज़र 

अख़बार के मुताबिक़, ओकेआईडीबी अज़ीम प्रेमजी की कंपनी से लेकर 1400 कंपनियों पर नज़र रख रहा है। अख़बार की रिपोर्ट कहती है कि चीनी कंपनी की नज़र भारतीय रेलवे में आने वाले इंजीनियरिंग के एक स्टूडेंट से लेकर चीफ़ इन्वेस्टमेन्ट अफ़सर तक है। इसके अलावा भी वह स्टार्ट अप, ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म, भारत में काम कर रहे फ़ॉरेन इन्वेस्टर्स सहित कई लोगों पर नज़र रख रही है। 

अख़बार अपनी ताज़ा रिपोर्ट में लिखता है कि ओकेआईडीबी प्रेमजी इन्वेस्ट के चीफ़ इन्वेस्टमेंट अफ़सर (सीएफ़ओ) टीके कुरियन, महिंद्रा ग्रुप के सीएफ़ओ अनिश शाह सहित रिलायंस, मॉर्गन स्टेनले के आला अधिकारियों की भी निगरानी कर रही है।

इसके अलावा ओकेआईडीबी ने फ़्लिफकार्ट के को-फ़ाउंडर बिन्नी बंसल, ज़ोमेटो के सीबीआई दीपिंदर गोयल, स्विगी के सीईओ नंदन रेड्डी और उबर इंडिया, न्याका, पेयू बिजेनस कंपनी के बड़े अधिकारियों की भी प्रोफ़ाइलिंग की है। 

डिलीवरी ऐप्स में बिग बास्केट, डेली बाज़ार, फू़ड डिलीवरी एप्स में ज़ोमेटो, स्विगी, फ़ूड पांडा और कई अन्य ऐप की ट्रैकिंग की जा रही है।

अख़बार ने कहा है कि भारत में तेजी से बढ़ रहा डिजिटल हेल्थ सेक्टर, डिजिटल एजुकेशन सेक्टर को भी चीनी कंपनी ट्रैक कर रही है। इसका मतलब डिलीवरी एप और टेक स्टार्ट अप भी इसके निशाने पर हैं। 

यह चीनी कंपनी मैट्रिक्स ओला, प्रैक्टो, रेज़र पे, स्नैप डील, मिन्त्रा, सिप्ला, ग्रामीण हेल्थकेयर, डिजिटल एजुकेशन, सप्लाई चेन से जुड़ी डिजिटल कंपनियां की भी जानकारी जुटा रही है। 

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