loader

20 लाख करोड़ के पैकेज को चिदंबरम ने बताया, ‘बड़ी हेडलाइन वाला कोरा काग़ज़’

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए आर्थिक पैकेज की आलोचना करते हुए इसे ‘कोरा काग़ज़’ क़रार दिया है।
मंगलवार को एलान किए गए इस पैकेज के तहत 20 लाख करोड़ रुपए की आर्थिक मदद देने का दावा किया गया है, जो सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत होगा।
अर्थतंत्र से और खबरें
लेकिन इस पैकेज का लगभग आधा हिस्सा तो पहले के पैकेज और रिज़र्व बैंक के एलानों के रूप में दिया जा चुका है। 

कोरा काग़ज़?

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेता और डॉक्टर मनमोहन सिंह की सरकार में वित्त मंत्री रहे चिदंबरम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पैकेज ‘बड़ी हेडलाइन है, जिसके साथ कोरा काग़ज़ दिया गया है।’

उन्होंने ट्वीट कर कहा,  ‘कल प्रधानमंत्री ने हमें बड़ी हेडलाइन के साथ खाली पेज थमा दिया। स्वाभाविक है कि इस मेरी प्रतिक्रिया भी खाली ही रहती।’
चिदंबरम ने इसके आगे कहा : 

‘हम उम्मीद करते हैं कि आज वित्त मंत्री इस खाली पेज को भर देंगी। हम सावधानीपूर्वक हर उस रुपये पर नज़र रखेंगे जो वास्तव में वह अर्थव्यवस्था में डालेंगी।’


पी. चिदंबरम, पूर्व वित्त मंत्री

पूर्व वित्त मंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि आज वित्त मंत्री इस खाली पेज को भर देंगी। हम सावधानीपूर्वक हर उस रुपये पर नज़र रखेंगे जो वास्तव में वह अर्थव्यवस्था में डालेंगी।’,
पी चिंदबरम ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनकी नज़र वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा पर है और वह यह देखेंगे कि इस प्रस्तावित पैकेज में वास्तव में किसको कितना मिलता है। उन्होंने कहा : 

‘हम इस पर सावधानीपूर्वक नज़र रखेंगे कि किसको क्या मिलता है। सबसे पहले हमारी नज़र इस पर होगी हज़ारों किलोमीटर पैदल चल कर घर पहुँचने वाले भूखे, ग़रीब, फटेहाल प्रवासी मज़दूरों को क्या मिलता है।’


पी. चिदंबरम, पूर्व वित्त मंत्री

फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ (फ़िक्की) ने प्रधानमंत्री के एलान का स्वागत किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस पैकेज से ‘देश को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत ही मदद मिलेगी।’

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

अर्थतंत्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें