IMF ने भारत के आर्थिक आँकड़ों की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। क्या मोदी सरकार के डेटा पारदर्शिता मॉडल में खामियाँ हैं? देखिए आईएमएफ़ की रिपोर्ट के मायने क्या।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























