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लॉकडाउन में भी मुकेश अंबानी ने हर घंटे कमाए 90 करोड़, आम लोगों की कमाई घटी

कोरोना लॉकडाउन में आम आदमी की आमदनी बेतहाशा घट गई और करोड़ों लोगों की नौकरियाँ चली गईं लेकिन इसी दौरान उद्योगपति मुकेश अंबानी की आमदनी बेतहाशा हुई। मुकेश अंबानी पिछले 6 महीने से हर घंटे 90 करोड़ रुपए कमा रहे हैं। यह जानकारी हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2020 में सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार लगातार 9वें साल मुकेश अंबानी देश के अमीरों में सबसे अव्वल आए हैं। 

हुरुन इंडिया और आईआईएफएल वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड की इस सूची में 1,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक की संपत्ति वाले भारत के सबसे धनी लोग शामिल होते हैं। इसमें 828 भारतीय शामिल हैं। यह सूची 31 अगस्त 2020 तक की है। 

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लॉकडाउन के दौरान भी मुकेश अंबानी की इतनी ज़्यादा आमदनी की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। यह इसलिए कि पूरी दुनिया भर में आर्थिक मंदी है और भारत तो सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों में है। इसमें भी सबसे ज़्यादा आम लोगों पर इसकी मार पड़ी है और उनकी आमदनी काफ़ी कम हो गई है। उत्तर प्रदेश में कुछ ज़िलों के सैंपल सर्वे में ही यह बात सामने आई थी कि सैम्पल लिए गए घरों की औसत आय कोरोना लॉकडाउन के कारण उनकी लॉकडाउन से पहले की आय के पाँचवें भाग से भी कम हो गई। जेएनयू नई दिल्ली के आर्थिक अध्ययन और नियोजन केंद्र में सहायक प्रोफ़ेसर सुरजीत दास और विकास अध्ययन संस्थान लखनऊ में सहायक प्रोफ़ेसर मंजूर अली गिरि ने तीन ज़िलों में यह सर्वे किया था। इसमें 409 परिवार के सदस्यों सहित कुल 2149 लोगों के बारे में जानकारी ली गई थी। 

अगर इस सर्वे की बात को दरकिनार भी कर दें तो लोगों की नौकरियाँ ख़त्म होने के बारे में सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी यानी सीएमआईई की रिपोर्ट भी बदतर स्थिति बताती है। इस रिपोर्ट के अनुसार लॉकडाउन के दौरान अप्रैल से जुलाई तक 1 करोड़ 89 लाख वेतन भोगी लोगों की नौकरियाँ चली गईं। इन वेतन भोगियों में वे शामिल नहीं हैं जो ग़ैर वेतन भोगी हैं यानी दिहाड़ी पर काम करते हैं। 

वेतन भोगी लोगों की नौकरियाँ जाना लंबे समय के लिए अर्थव्यवस्था पर असर को दिखाता है और यह भी कि अर्थव्यवस्था की हालत बहुत ख़राब है।

इससे पहले सीएमआईई की ही अप्रैल की रिपोर्ट तो और भी भयावह थी। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि अप्रैल महीने में कुल 12 करोड़ 15 लाख नौकरियाँ ख़त्म हुईं। इसमें से असंगठित क्षेत्र में ही 9 करोड़ 12 लाख लोगों की नौकरियाँ ख़त्म हो गई थीं। नौकरियाँ ख़त्म होने का मतलब है कि ऐसे लोगों की आमदनी ख़त्म हो गई और ऐसे परिवार किसी तरह गुज़ारा करने की स्थिति में आ गए। 

देश की जीडीपी में रिकॉर्ड कमी

अब यदि देश की ही बात करें तो भारत की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी वृद्धि दर नेगेटिव में -23.9 प्रतिशत रही है। अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था 14.8 प्रतिशत सिकुड़ेगी। यानी जीडीपी वृद्धि दर शून्य से 14.8 प्रतिशत से नीचे चली जाएगी। आर्थिक हालत कितनी ख़राब हो गई है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अब कई राज्य अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी जूझ रहे हैं। 

ऐसी स्थिति में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की इतनी ज़्यादा आमदनी होने की रिपोर्ट आई है।  हुरुन इंडिया और आईआईएफएल वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड की रिपोर्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी की कुल आय 6,58,400 करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक, अंबानी ने लॉकडाउन के दौरान यानी मार्च से अगस्त के बीच हर घंटे 90 करोड़ रुपए के हिसाब से कमाई की है। पिछले 12 महीनों में उनकी कुल संपत्ति में 73% की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में वह एशिया के सबसे अमीर और दुनिया के चौथे सबसे धनी व्यक्ति हैं।

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सूची में हिंदुजा ब्रदर्स दूसरे स्थान पर 

हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2020 में मुकेश अंबानी तो पहले स्थान पर हैं ही, इनके अलावा हिंदुजा ब्रदर्स दूसरे स्थान पर हैं। उनकी नेटवर्थ कमाई 1,43,700 करोड़ रुपये है। तीसरे स्थान पर एचसीएल कंपनी की शिव नाडर एंड फैमिली है जिसकी आमदनी 1,41,700 करोड़ रुपये है। चौथे स्थान पर अडानी समूह की गौतम अडानी एंड फैमिली है। अडानी की आमदनी 1,40,200 करोड़ रुपये बताई गई है। विप्रो के अजीम प्रेमजी की आय 1,14,400 करोड़ रुपये है और इस सूची में वह पाँचवें स्थान पर हैं। इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साइरस एस पूनावाला, एवेन्यू सुपरमार्ट्स की राधाकिशन दमानी एंड फैमिली, कोटक महिंद्रा के उदय कोटक, सन फ़ार्मा के दिलीप संघवी, शापूरजी पालोनजी ग्रुप के साइरस पालोनजी, और शापूरजी पालोनजी ग्रुप के ही शापूरजी पालोनजी क्रमश: छठे, सातवें, आठवें, नौवें और 10वें स्थान पर हैं। 

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