झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में बीजेप ने अभियान छेड़ दिया है। हालांकि बीजेपी और एबीवीपी जंतर मंतर के छात्र आंदोलन से गायब थे। रांची में छात्रों के 'विधानसभा घेराव' प्रदर्शन पर हुए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। मंगलवार 11 अगस्त को उसी के विरोध में बीजेपी ने मंगलवार को 16 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। बंद का खास असर नहीं दिखा। हालांकि कई दुकानें, स्कूल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। रांची के कई हिस्से में प्रदर्शनकारियों ने ट्रैफिक रोका और चौराहों पर टायर जलाकर विरोध जताया।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने रांची के हरमू चौक, किशोरगंज चौक, अर्गोरा, कांके रोड (CMPDI गेट) और न्यूक्लियस मॉल के पास सड़कों पर टायर जलाकर विरोध जताया और ट्रैफिक रोका। जमशेदपुर, धनबाद और अन्य शहरों में निजी व सरकारी स्कूलों ने एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी। कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही बराबर होती रही। आपातकालीन सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया था।

एबीवीपी का विधानसभा मार्च, हिरासत में लिये गए समर्थक

रांची में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों की पुलिस के साथ झड़प हुई, क्योंकि विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के एक दिन बाद वहां विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए। झारखंड विधानसभा की ओर मार्च कर रहे कई एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पुराने विधानसभा क्षेत्र में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अफरातफरी के बीच कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस वैन पर चढ़ते देखा गया। एबीवीपी के प्रदर्शनकारियों ने झारखंड विधानसभा का घेराव करने की योजना बनाई थी।
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विधानसभा में बीजेपी का हंगामा

झारखंड विधानसभा में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा विधायकों ने हंगामा किया, जिसके चलते अध्यक्ष को सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा। विपक्षी विधायक सदन के वेल में आ गए और प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों पर पुलिस कार्रवाई के लिए जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारे लगाए। अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के बार-बार अनुरोध के बावजूद भाजपा विधायक अपनी सीटों पर लौटने को तैयार नहीं थे। महतो ने कार्यवाही को दो बार स्थगित किया - पहली बार दोपहर तक और दूसरी बार दोपहर 2 बजे तक।

अनशन कर रहे छात्रों को सीजेपी का समर्थन

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की और घटना के बाद अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के प्रति एकजुटता व्यक्त की। सीजेपी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, दिपके ने अस्पताल में भर्ती महतो से वीडियो कॉल पर बात की। पुलिस कार्रवाई के दौरान सीने में तेज दर्द और कई चोटें आने के बाद महतो को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। झारखंड के छात्र 25 जुलाई से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जेपीएससी और जेएसएससी के कामकाज में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआई या झारखंड के बाहर के रिटायर्ड जजों के पैनल द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

छात्रों ने कहा- किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। छात्र नेता पीयूष ने कहा: "अगर कोई हमारी मांगों के समर्थन में बंद बुलाता है, तो हम उसका स्वागत करते हैं, लेकिन छात्रों का किसी भी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। हमारा एकमात्र एजेंडा हमारी मांगों को पूरा करवाना है।" छात्रों का एक कोर ग्रुप आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक कर रहा है और उन्होंने कहा है कि वे केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही सीधी वार्ता करेंगे।

महतो को देखने पहुंचे झारखंड के मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और अन्य युवाओं से मिलने रांची के सदर अस्पताल पहुंचे। छात्र अपने निरंतर आंदोलन के तहत लगातार नौवें दिन भूख हड़ताल पर हैं और राज्य सरकार से अपनी चिंताओं को दूर करने की मांग कर रहे हैं। मंत्री का यह दौरा विधानसभा के बाहर बड़ी संख्या में छात्रों के प्रदर्शन के एक दिन बाद हुआ। प्रदर्शन के बाद कई प्रदर्शनकारियों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। विरोध प्रदर्शन और विधानसभा के बाहर की घटनाओं के बारे में बात करते हुए, एक छात्र प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाई और दावा किया कि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।