कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार कर्नाटक के 34वें मुख्यमंत्री बन गए। सीएम पद से इस्तीफ़ा देने वाले सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया सहित 13 नेता कैबिनेट में शामिल हुए
कर्नाटक सीएम पद की शपथ लेते डीके शिवकुमार
डीके शिवकुमार के सीएम पद की शपथ लेते ही कर्नाटक में सियासी बदलाव पूरा हो गया। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार बुधवार को कर्नाटक के 34वें मुख्यमंत्री बन गए। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने लोक भवन के ग्लास हाउस में दोपहर क़रीब 4 बजे उन्हें मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही 13 मंत्रियों ने भी शपथ ली। जी. परमेश्वर का उपमुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है।
शपथ लेने वाले मंत्री
डीके शिवकुमार और जी. परमेश्वर के अलावा इन 12 नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली-
- के.एच. मुनियप्पा
- के.जे. जॉर्ज
- यतींद्र सिद्धारमैया
- प्रियांक खड़गे
- एम.बी. पाटिल
- सतीश जारकिहोली
- कृष्णा बायरे गौड़ा
- रामलिंग रेड्डी
- यू.टी. खादर
- ईश्वर खांड्रे
- बायरथी सुरेश
- डॉ. शरण प्रकाश पाटिल
डीके कैसे पहुँचे सीएम पद तक?
30 मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया था। वे लगातार आठ बार कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जा चुके हैं। पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 28 मई को इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस हाईकमान के कहने पर उन्होंने अपनी जगह डिप्टी सीएम को मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता साफ किया। सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को भी उपमुख्यमंत्री का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने साफ़ कहा कि वे इस पद के लिए नहीं लड़ रहे। यतींद्र अब कैबिनेट मंत्री बन गए हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन थे?
समारोह में कांग्रेस के बड़े नेता मौजूद रहे। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल विशेष रूप से शामिल हुए। शपथ से पहले डीके शिवकुमार ने विभिन्न धर्मों के धार्मिक नेताओं और संतों से आशीर्वाद लिया। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी समारोह में पहुंचे। सुक्खू ने कहा, 'डीके शिवकुमार लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। वे प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। यह फ़ैसला समझौते के तहत लिया गया है। वे सिद्धारमैया द्वारा शुरू की गई नीतियों को आगे बढ़ाएंगे।'डीके शिवकुमार का राजनीतिक सफर
डीके शिवकुमार 2020 से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद वे राज्य की नई सरकार का नेतृत्व करेंगे। यह बदलाव कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी फ़ैसले के तहत हुआ है। डीके शिवकुमार को पार्टी का मज़बूत संगठनकर्ता माना जाता है। नई सरकार अब कर्नाटक के विकास और जन समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। शिवकुमार के लिए चुनौतियां क्या?
नई सरकार और कांग्रेस पार्टी के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं-
- 2028 चुनाव: कर्नाटक में पिछले 40 साल से कोई भी सरकार दोबारा नहीं जीती। कांग्रेस के सामने यह ट्रेंड तोड़ने की चुनौती है।
- सिद्धारमैया गुट को संभालना: सिद्धारमैया के समर्थकों को नाराज न होने देना।
- जाति और क्षेत्रीय समीकरण: वोकलिगा, AHINDA (अल्पसंख्यक, पिछड़े, दलित) का संतुलन बनाना।
- कल्याणकारी योजनाएं: गारंटी स्कीमों को जारी रखना लेकिन राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारना।
- विरोधी दलों का दबाव: भाजपा-जद(एस) गठबंधन आक्रामक रहेगा।
- बेंगलुरु का विकास: शहर की सड़कें, ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्याएँ सुलझाना।
- निवेश और रोजगार: युवाओं को नौकरियां देना और उद्योगों को आकर्षित करना।
बहरहाल, नई कैबिनेट में मंत्रियों को अभी विभाग नहीं सौंपे गए हैं। विभागों का बंटवारा जल्द होने की संभावना है। कर्नाटक की जनता अब नई सरकार से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी है।