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विवाद के बाद तेजस्वी सूर्या ने वापस लिया हिंदू धर्म में घर वापसी वाला बयान

समुदाय विशेष के ख़िलाफ़ नफ़रती बयान देकर सुर्खियों में आ चुके बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के बयान को लेकर फिर विवाद हुआ है। विवाद होने के बाद सूर्या अपने बयान से पलट गए हैं। 

सूर्या ने 25 दिसंबर को एक कार्यक्रम में कहा था कि हिंदुओं के पास केवल यही विकल्प बचा है कि वे हिंदू धर्म से जा चुके लोगों को फिर से इसमें वापस लाएं, जो लोग अपने मातृ धर्म को छोड़ चुके हैं, उन्हें वापस लाया जाना चाहिए। 

बीजेपी सांसद ने कहा था कि हर मंदिर और मठ को इसके लिए हर साल का लक्ष्य तय करना चाहिए। यह कार्यक्रम उडुपी के श्रीकृष्णा मठ में हुआ था। 

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बयान पर विवाद होने के बाद सूर्या ने सोमवार को ट्वीट कर कहा है कि उनके भाषण में कही गई कुछ बातों को लेकर विवाद हो रहा है, इसलिए वह बिना शर्त इसे वापस लेते हैं। 

तेजस्वी सूर्या बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के जैसे अहम पद पर हैं। 

विवादित बयानों को लेकर चर्चित हैं सूर्या

सूर्या को मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रती बयान देने के लिए जाना जाता है। सूर्या ने कुछ महीने पहले पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तारेक फतेह के हवाले से अरब की महिलाओं के यौन जीवन पर बेहद ही बेहूदा टिप्पणी की थी। 

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पारंपरिक रूप से भारत के मित्र माने जाने वाले देश संयुक्त अरब अमीरात ने आधिकारिक रूप से इस ट्वीट पर विरोध जताया था और स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि यूएई में भारत के राजदूत पवन कपूर को सफ़ाई देनी पड़ी थी। 
तेजस्वी सूर्या ने सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर दिल्ली के शाहीन बाग में महिलाओं के प्रदर्शन को लेकर कहा था कि यदि बहुमत समुदाय चौकन्ना नहीं रहा तो 'मुग़ल राज' लौट आएगा।

एक और ट्वीट में सूर्या ने कहा था कि आतंकवादियों का निश्चित रूप से धर्म होता है और ज़्यादातर मामलों में वह इसलाम होता है। इसके अलावा भी कई बार वह मुसलमानों के ख़िलाफ़ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं। 

ग्रेटर हैदराबाद के नगर निगम चुनाव में उन्होंने एआईएमआईएम सांसद असदउद्दीन ओवैसी को पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना का अवतार बताया था। 

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