गीतांजलि श्री का 'रेत समाधि' अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाला भारतीय भाषा का पहला उपन्यास बना है तो क्या हिंदी भाषी समुदायों में लिखने-पढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा? क्या लोग किताबों के प्रति रुचि लेंगे?
'शाम सात बजे मंत्री ने पुस्तक विमोचीसुबह छह बजे अख़बार ने आलोचीप्रकाशक प्रसन्न हुआलेखक भी धन्न हुआदुख यहीकि पढ़ने की किसी ने नहीं सोची।'
उपेन्द्रनाथ अश्क ने एक बार कहा था कि हिन्दी में जितना लिखा है उतना यूरोप की किसी भाषा में लिखा होता तो अब तक नोबल पुरस्कार मिल गया होता।
'उत्पत्स्यते मम कोपि समानधर्मा कालोह्यम्कालो निरवधि विपुला च पृथिवि:।'