loader

मोदी ने कांग्रेस के घोषणापत्र को बताया ढकोसलापत्र

कांग्रेस के घोषणापत्र पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरुणाचल प्रदेश में जमकर बरसे। उन्होंने कांग्रेस के घोषणापत्र को ढकोसलापत्र बताया। मोदी ने कहा कि उनका घोषणापत्र भी उनकी ही तरह झूठा और भ्रष्ट है। वह अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आगामी चुनाव को झूठ और सच के बीच लड़ाई बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये चुनाव वादों को पूरा करने वाले और वादों से मुकर जाने वालों के बीच है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी दशकों तक वादों को टालने वालों में से नहीं है और वह जो भी काम हाथ में लेते हैं उसको ख़त्म करके ही मानते हैं।
ताज़ा ख़बरें
इससे पहले कल कांग्रेस के घोषणापत्र के जारी होते ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणापत्र में किए गए वादों को ख़तरनाक बताया था। उन्होंने कहा था कि राहुल गाँधी के दोस्तों ने जो घोषणापत्र बनाया है वह देश की सुरक्षा और कश्मीर के लिए सही नहींं है। जेटली ने कहा कि घोषणापत्र में किए गए वादे उन एजेंडों में से हैं जो देश को तोड़ने का काम करते हैं।
बता दें कांग्रेस ने सरकार बनने पर अफ़्सपा का क़ानून हटाने की बात कही है। इसके बाद अरुण जेटली यहीं नहीं रुके। उन्होंने घोषणापत्र से बात शुरू की और कांग्रेस के पुरखों पर जाकर रुके। जेटली ने कहा कि नेहरू ने कश्मीर को लेकर जो रणनीति अपनाई थी उसके लिए देश कभी उनको माफ़ नहीं करेगा और उसी अजेंडे को इस घोषणापत्र को ज़रिए आगे बढ़ाया जा रहा है।
चुनाव 2019 से और ख़बरें

कांग्रेस का घोषणापत्र  

कांग्रेस ने कल अपना घोषणापत्र जारी किया था। राहुल गाँधी ने घोषणा पत्र को जारी करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी का घोषणापत्र बंद कमरे में बैठकर बनाया हुआ नहीं है, बल्कि उसमें देश के लोगों की बात कही गई है।
घोषणा पत्र में कांग्रेस ने ‘न्याय’ स्कीम के तहत ग़रीबों को सालाना 72 हज़ार रुपये देने, मार्च 2020 तक 22 लाख खाली पदों को भरने, 10 लाख युवाओं को ग्राम पंचायतों में रोज़गार देने, मनरेगा को 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन का करने की बात कही है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में कांग्रेस ने अब तक सबसे बड़ा एलान किया है।
घोषणापत्र में कहा गया है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर जीडीपी का 6 फ़ीसदी शिक्षा पर ख़र्च किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों द्वारा कर्ज़ न चुकाने पर उसको सिविल अपराध मानने की बात शामिल की गई है।
कांग्रेस के घोषणापत्र पर जिस तरह से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली और बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने हमला किया है उससे साफ़ है कि वह चुनाव को आर्थिक मुद्दों पर नहीं लड़ना चाहते हैं और न ही बेरोज़गारी और ग़रीबी को चुनावी मुद्दा नहीं बनने देना चाहते हैं। देशद्रोह और अफ़्सपा क़ानून के बहाने बीजेपी और मोदी सरकार पूरे चुनाव को राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद को बुलंद करना चाहती है और यह साबित करना चाहती है कि देश प्रधानमंत्री मोदी के हाथ में ही सुरक्षित है। पर क्या वह अपनी रणनीति में क़ामयाब होंगे, सबसे बड़ा सवाल यही है।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

चुनाव 2019 से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें