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मध्य प्रदेश में एक और ‘हनी ट्रैप’, शिवराज ने SIT को सौंपी जाँच

मध्य प्रदेश में एक और ‘हनी ट्रैप’ सुर्खियों में है। नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और शोषण के बाद कथित तौर पर सफेदपोशों को परोसे जाने को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस को एक अख़बार मालिक की सरगर्मी से तलाश है। फ़रार आरोपी पर पुलिस ने 30 हज़ार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।

पूरा मामला रविवार को खुला है। कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर भोपाल ज़िला प्रशासन ने रविवार को संपूर्ण लाॅकडाउन घोषित किया है। बीते रविवार से ही ‘कर्फ़्यू’ लागू किया गया है। रातीबढ़ थाना क्षेत्र में आधा दर्जन नाबालिग लड़कियाँ पुलिस को रविवार तड़के संदिग्ध हालातों में मिली थीं। सभी नशे में थीं। पूछताछ के दौरान पहले तो इन्होंने गुमराह किया था, लेकिन बाद में पुलिस को पूरी कहानी बता दी थी।

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लड़कियों ने बताया था कि वे केरवा डैम क्षेत्र में एक शराब क़ारोबारी के फ़ार्म हाउस पर हुई पार्टी से लौट रही हैं। एक किशोरी ने अख़बार मालिक प्यारे मियां द्वारा पार्टी के दरमियान रेप करने की बात भी कही थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। छानबीन में पता चला कि सभी लड़कियों को प्यारे ही ‘अरेंज’ करके पार्टी में ले गया था। सभी ग़रीब घरों की हैं। पैसे और नौकरी देने के नाम पर इन्हें फाँसा जाता था। जाँच आगे बढ़ने पर सभी लड़कियों ने उनके संग बुरा काम होने की बात कही। मामला दर्ज हुआ तो प्यारे मियां के शोषण की शिकार और भी लड़कियाँ सामने आयीं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को क़ानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के दौरान इस मामले को लेकर तीखी नाराज़गी जताई थी। उन्होंने अफ़सरों को निर्देश दिये थे कि बच्चियों का शोषण करने वाले अख़बार मालिक और पूरे कांड में लिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा ना जाए।

पिछले दो दिनों में प्यारे मियां को पत्रकार की हैसियत से मिली राज्य स्तरीय अधिमान्यता रद्द कर दी गई है। पत्रकार कोटे में अलाॅट ई श्रेणी के आवास का आवंटन भी रद्द कर दिया गया है। पुराने भोपाल में प्यारे मियां द्वारा बनाये गये अवैध मैरिज हॉल और एक टाॅवर को भी पुलिस ने जमींदोज कर दिया है। बेहद पॉश अंसल अपार्टमेंट में फ्लैट से लगे प्यारे मियाँ के अवैध निर्माण को भी तोड़ने की कार्रवाई हुई है।

लड़कियों को ले जाता था कई देशों में

पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि प्यारे नाबालिग लड़कियों को जाल में फाँसने के बाद विदेश भी ले जाया करता था। लड़कियों के संग बैंकॉक, दुबई, थाइलैंड, यूके और स्विट्ज़रलैंड के दौरों के सबूत भी पुलिस को मिले हैं।

विष्णु हाइटैक सिटी के प्यारे के एक फ्लैट (इसी घर में पार्टियाँ होती थीं) में पुलिस द्वारा की गई छानबीन में पुलिस को लाखों रुपयों की विदेशी शराब की बोतलें मिलीं। चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी के टेप और पेन ड्राइव बरामद हुए। शक्तिवर्धक दवाएँ भी मिलीं।

विष्णु हाइटैक के फ्लेट में डिस्को थैक भी मिला। बताया गया है कि लड़कियों से नग्न डांस कराया जाता था। प्यारे और उसके साथी इसी फ्लैट में अय्याशी करते थे। आस-पड़ोस वालों को भनक तो थी, लेकिन प्यारे और रसूख़दार लोगों की आवाजाही की वजह से शिकायत को लेकर लोग डरा करते थे। हालाँकि कुछ गुमनाम शिकायतें संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस को हुईं, लेकिन कोई कार्रवाई पुलिस ने पहले नहीं की।

कई शहरों में करोड़ों की संपत्ति

प्यारे मियां का इतिहास रोचक है। चार-साढ़े चार दशक पहले तक वह प्रदेश के (आज देश के) बड़े अखबार में फोरमैन हुआ करता था। धीरे-धीरे प्राॅपर्टी और अन्य क़ारोबार में वह उतरा। सुंदरलाल पटवा सरकार में लाॅटरी आरंभ हुई तो बड़े ‘खाईबाज़’ के तौर पर उसकी गिनती हुई। लाॅटरी में ही प्यारे ने जमकर दौलत कमाई। प्यारे ने बाद में खुद का अख़बार निकाल लिया। हिन्दी जुबान में मध्य प्रदेश से निकलने वाले उर्दू के गिने-चुने अख़बारों में उसका अख़बार शामिल रहा। भोपाल के अलावा इंदौर और प्रदेश के कई शहरों में उसकी करोड़ों रुपयों की मिल्कियत है।

बचने के लिए 1 करोड़ की पेशकश

रातीबढ़ थाना क्षेत्र के इंचार्ज सुरेश तिवारी ने बताया है कि रविवार सुबह प्यारे थाने आया था, उसने लड़कियों को छोड़ने को लेकर पुलिस को धौंस जमाई थी। चूँकि तब तक एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई थी, लिहाज़ा उसे पकड़ा नहीं गया था। तिवारी के अनुसार मामले को रफा-दफा करने के लिये प्यारे की ओर से एक करोड़ रुपये की रिश्वत भी थाने को ऑफ़र हुई थी। इसकी सूचना पुलिस अफ़सरों को वक़्त पर दे दी गई थी।

प्यारे की तलाश में पुलिस ने मध्य प्रदेश में कई संभावित स्थानों पर छापे मारे हैं, लेकिन अभी तक वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। भोपाल के पड़ोसी ज़िले सीहोर के आष्टा और भोपाल में अब तक तीन महंगी कारें अलबत्ता पुलिस ने बरामद की हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन्हीं कारों में फरार प्यारे घूमता रहा।

पुलिस को संदेह है कि वह कहीं विदेश ना भाग खड़ा हो, इसके मद्देनज़र मध्य प्रदेश पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है।

नाबालिगों से ख़ुद को अब्बू कहलवाता था

प्यारे के लिए लड़कियों को फाँसने के आरोप में स्वीटी विश्वकर्मा नामक एक युवती और एक अन्य बुजुर्ग महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया है। प्यारे के ड्राइवर और एक अन्य मददगार को भी पुलिस ने पकड़ा है। पूरे गोरखधंधे में ये लोग प्यारे का साथ दिया करते थे। प्यारे 14 से 17 साल की लड़कियों को फाँसता था। ग़रीब बच्चियों पर उसकी निगाह होती थी। कई बार बेहतर लालन-पालन का भरोसा दिलाकर बच्चियों को उसने माता-पिता से अपने अधीन लिया। बच्चियों से वह ख़ुद को अब्बू कहलवाता था, लिहाज़ा इस बात का संदेह कम होता था कि वह बच्चियों के साथ बाद में कोई बुरा काम करेगा।

पहले कभी बच्चियों ने आपबीती परिजनों को सुनाई भी तो प्यारे की पहुँच और खौफ की वजह से कोई भी पुलिस में जाने की हिम्मत नहीं कर सका। यह भी सामने आया है कि अनेक बच्चियों का शोषण करने के बाद प्यारे ने उनकी शादियाँ कराईं। शादी के बाद भी ऐसी लड़कियों का शोषण अपनी मर्ज़ी के अनुसार वह करता था। अनेक बार शोषण का शिकार किशोरियों और बालिग हो जाने वाली लड़कियों से अन्य बच्चियों को फाँसकर लाने का दबाव वह बनाया करता था।

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कमलनाथ सरकार में खुला था हनी ट्रैप

प्यारे मियां कांड के पहले तत्कालीन कमलनाथ सरकार में हनी ट्रैप का एक अन्य सनसनीखेज मामला खुला था। कई पत्रकारों और सफेदपोशों के नाम उस कांड में आये थे। लड़कियाँ जेल में हैं। हनी ट्रैप का शिकार होने वालों में अनेक रसूख़दारों के अलावा कई आईएएस-आईपीएस अफ़सरों के नाम आये थे। ऑडियो-वीडियो भी सामने आये थे।

इंदौर और भोपाल से जुड़े हनी ट्रैप के मामले की जाँच भी एसआईटी कर रही है। हालाँकि कमलनाथ सरकार के चले जाने के बाद मामले की जाँच की गति बेहद धीमी हो चुकी है।

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