देशमुख ने कहा कि राज्य की क़ानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। ऐसे में जब राज्य सरकार इस मामले की विस्तारित जांच के लिए आगे बढ़ रही थी तो केंद्र ने दख़ल क्यों दिया?
सवाल यह खड़ा होता है कि क्या केंद्र सरकार इस मामले की जांच एनआईए से कराने के बहाने कुछ छुपाना चाहती है? पिछले कुछ सालों में सीबीआई की तरह एनआईए की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाये गए हैं।