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बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर आज पुलिस के सामने पेश होना होगा अर्णब गोस्वामी को

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद आज रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ़ अर्णब गोस्वामी को मुंबई पुलिस के सामने पेश होना होगा। एक दिन पहले ही यानी मंगलवार को कोर्ट ने अर्णब से कहा था कि वह 10 जून को पूछताछ के लिए एनएम जोशी मार्ग पुलिस थाने में पेश हों। अपने ख़िलाफ़ दायर एफ़आईआर को रद्द करने के लिए अर्णब द्वारा दायर की गई याचिका पर अदालत सुनवाई कर रही थी। उनके ख़िलाफ़ दो एफ़आईआर दर्ज की गई हैं- एक पाइधोनी थाने में और दूसरी एन एम जोशी मार्ग थाने में। मुंबई पुलिस के सामने पेश होने के कोर्ट के आदेश के बाद रिपब्लिक टीवी ने अर्णब गोस्वामी की ओर से बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि पुलिस ने दूसरी बार पूछताछ के लिए उन्हें बुधवार को दोपहर दो बजे के लिए समन जारी किया है। 

एफआईआर में उनके ख़िलाफ़ विभिन्न समूहों के बीच घृणा, दुश्मनी या घृणा की भावनाओं को बढ़ावा देने, जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, धार्मिक भावनाओं या अपने धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने के लिए किसी भी वर्ग को अपमानित करने के आरोप लगाए गए हैं। इसके लिए अर्णब के ख़िलाफ़ धारा 153 ए और 295 ए लगाई गईं। अर्णब गोस्वामी ने अदालत में दलील दी की कि कोर्ट इन धाराओं को सम्मान के साथ जीवन का अधिकार और बोलने की आज़ादी के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन घोषित करे। 

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गोस्वामी के ख़िलाफ़ एक टीवी शो के कार्यक्रम के सिलसिले में 29 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 14 अप्रैल को बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर इकट्ठा हुए प्रवासियों के बारे में उनकी टिप्पणी पर एफ़आईआर दर्ज की गई। इसके अलावा उनके ख़िलाफ़ 21 अप्रैल को एक टीवी शो में पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की लिंचिंग को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी पर सवाल खड़ा करने को लेकर भी कई एफ़आईआर दर्ज की गई हैं।

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बता दें कि अर्णब के उस कार्यक्रम का क्लिप सोशल मीडिया पर भी ख़ूब शेयर किया गया था। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने उस वीडियो क्लिप को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया था जिसमें अर्णब गोस्वामी कथित तौर पर सोनिया गाँधी के ख़िलाफ़ टिप्पणी कर रहे हैं। वीडियो क्लिप में अर्णब कहते हैं, '...आपकी पार्टी और आपकी पार्टी के रोम से आए हुए इटली वाली सोनिया गाँधी चुप नहीं रहती। आज वो चुप हैं, मन ही मन में मुझे लगता है वो ख़ुश है... वो ख़ुश है कि संतों को सड़कों पर मारा गया, जहाँ पर उनकी सरकार है। रिपोर्ट भेजेगी वो, वो इटली में रिपोर्ट भेजेगी, मैं बोल रहा हूँ। देखिए जहाँ पर मैंने एक सरकार बना ली, वहाँ पर हिंदू संतों को मैं मरवा रही हूँ। और वहाँ से वाहवाही मिलेगी, वाह बेटा वाह! बहुत अच्छा किया सोनिया गाँधी एंटोनियो मैंनू।'

इन एफ़आईआर के ख़िलाफ़ अर्णब ने सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई को अर्णब गोस्वामी की एक याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने एफ़आईआर को रद्द करने व केस को सीबीआई को सौंपने की माँग की थी। हालाँकि कोर्ट ने गिरफ्तारी से उनकी सुरक्षा को तीन और हफ्तों के लिए बढ़ा दिया था।

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