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सुशांत केस- कड़ी-1: आत्महत्या या हत्या, 27 कारणों की पड़ताल से खुलेगा राज!

फ़िल्मी सितारे सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला हॉलीवुड की किसी मिस्ट्री फ़िल्म की मानिंद हमारे सामने हर दिन एक नया दृश्य रख रही है, सारी दुनिया भौचक्क सी देख-सुन रही है।

सारी बहस अब इस मुद्दे पर आकर अटक गई है कि यह मामला है क्या? इस रहस्यमयी प्रकरण में हत्या और आत्महत्या के बीच में आकर सुई रुकी हुई है।

सबके दिलों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। मामला अभी भी प्री-क्लाईमेक्स तक नहीं पहुँच पाया है। सबके ज़हन में एक ही सवाल है कि यह हत्या है या आत्महत्या!?

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आत्महत्या?

  • आत्महत्या के पक्ष में एक दलील यह है कि वंशवाद और गुटबाज़ी के चलते कुछ कुछ फ़िल्मी हस्तियों और घरानों ने सुशांत से मौत से कुछ पहले ही छह फ़िल्में छीन लीं, जिसके कारण वह गहरे तनाव में थे। 
  • दूसरी दलील यह है कि उनकी ज़िंदगी में आई रिया चक्रवर्ती ने ज़हर घोल दिया था। उनकी ब्लैकमेलिंग से घबरा कर सुशांत ने यह क़दम उठाया है। 
  • तीसरी दलील यह है कि अपनी सेलेब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की आत्महत्या से वह बुरी तरह आहत थे। दिशा की आत्महत्या में फँसाने की रिया की धमकी के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली। 
  • चौथी दलील यह है कि सुशांत केरल जाकर जैविक खेती करना चाहता था। रिया इस पक्ष में नहीं थी। सुशांत ऐसा न करे इसलिये उसने उनकी मानसिक स्थिति ख़राब होने और इलाज के दस्तावेज़ मीडिया में लीक करने की धमकियाँ दीं, जिससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा कठोर क़दम उठाया।

हत्या?

हत्या के सिलसिले में कई कोण सामने आ रहे हैं।

  • पहला कोण यह है कि सुशांत की नई गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार ने मिल कर इस युवा अभिनेता के तीन बैंक खातों से 15 करोड़ रुपए का गबन कर लिया। जब उनकी जानकारी सुशांत को मिली तो उसे मार दिया गया। 
  • दूसरा कोण यह है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और मंत्री आदित्य ठाकरे 13 जून 2020 को सुशांत के बांद्रा आवास पर हुई जन्मदिन की पार्टी में शामिल थे। वहाँ देर रात ज़बरदस्त झगड़ा हुआ। इस झगड़े के बाद सुशांत की हत्या हुई।
  • तीसरा कोण यह है कि सुशांत को संभवतः दिशा सालियान की आत्महत्या के संबंध में कोई अंदरूनी जानकारी होगी, जिसे छुपाने के लिए उनकी हत्या किसी ने करवा दी।

कपड़े की जाँच

सुशांत की रहस्यमय मौत के मामले में यह बात सामने आई है कि जिस गाऊन से उनका शरीर छत से कथित रूप से लटका मिला यानी जिस कपड़े से उन्होंने फाँसी लगाई, उसका स्ट्रैंथ टेस्ट होना है। सुशांत का वज़न 80 किलो था। जिस कपड़े से उन्होंने कथित फाँसी लगाई, क्या वो कपड़ा उनका वज़न उठा पायेगा? अभी तक इस टेस्ट की रपट आई नहीं है।

विसरा जाँच 

सुशांत का विसरा भी जाँच के लिए कलीना स्थित फॉरेंसिक लैब पुलिस ने भेजा, जिसकी रपट में पता चला कि अभिनेता को ज़हर नहीं खिलाया गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट

सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फाँसी लगने की वजह साँस घुटने से मौत होना दर्ज है। इससे यह साबित नहीं होता है कि यह आत्महत्या है या हत्या। यह महज मौत का कारण बता रही है। 

हत्या क्यों-कैसे-क्या?

सुशांत की मौत में हत्या होने को लेकर कुछ ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। इतना ही नहीं, किसी फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सुशांत सिंह कांड को हत्या ही बताने की कोशिश की है। उनकी सूची और पुलिस जाँच के जो नतीजे सामने आए हैं, उनका विश्लेषण कुछ इस प्रकार है:

1. सुशांत सिंह की मौत का पता तब लगता है, जब लगभग 11.30 बजे उनका खानसामा कमरा खुलवाने जाता है। खानसामा उनके सबसे क़रीबी दोस्त सिद्धार्थ मथानी को बताता है। वह तुरंत सुशांत का कमरा खुलवाने जाते हैं। वह कमरा खुलवाने में नाकामयाब रहते हैं तो तुरंत दरवाज़ा नहीं तोड़ते हैं। वह एक तालासाज को बुलाते हैं। वह सुशांत की मुंबई में रहने वाली बहन मीतू किर्ती को सूचित करते हैं। वह तब तक दरवाज़ा नहीं खोलते हैं, जब तक कि मीतू किर्ती घर नहीं पहुँच जाती हैं। इस पूरी कसरत में लगभग डेढ़ घंटे का वक़्त ख़राब हो चुका है। ऐसा क्यों?

2. सुशांत फाँसी लगा कर आत्महत्या करते हैं। यह ख़बर चारों तरफ़ फैलती है। यह नहीं पता चलता है कि उनके कमरे से कोई सुसाईड नोट मिला है या नहीं। मुंबई पुलिस कहती है कि कोई सुसाईड नोट नहीं मिला है। यह ख़बर आती है कि वह तीन दिन पहले ही तमाम घरेलू कर्मचारियों को वेतन देकर यह कह चुके थे कि अब वह आगे से वेतन देने की स्थिति में नहीं होंगे। ऐसा ठंडे दिमाग से आत्महत्या की योजना बनाने वाला व्यक्ति आत्महत्या के पहले कोई ख़त नहीं लिखता है, यह कैसे संभव है?

3. सुशांत के शव की तसवीरों में यह साफ़ दिखता है कि उनके गले पर जिस तरह के निशान हैं, वे फाँसी लगने के नहीं हो सकते। 

यदि कोई फाँसी पर लटकता है तो निशान अमूमन ठोड़ी से कानों की तरफ़ ऊपर तिरछे जाते हुए दिखते हैं। सच तो यह है कि निशान गले के चारों तरफ़ दिख रहे हैं, मानो किसी ने उन्हें सोते समय गला घोंट कर मारा हो। तो क्या यह सोची-समझी साज़िश के तहत हत्या है?

4. तसवीरों में जो निशान दिख रहे हैं, उनसे यह साफ़ पता चलता है कि उनके गले पर आगे की तरफ़ ही सबसे अधिक दबाव पड़ा है। आत्महत्या के लिए फाँसी लगाने पर तो फंदा चारों तरफ़ से गले पर दबाव डालता है और निशान चारों तरफ़ दिखाई देते हैं। यदि कोई हत्या करता है तो वह गले के अगले हिस्से पर ही सबसे अधिक दबाव डालता है, जैसा कि सुशांत की मौत के बाद की तसवीरों में दिखाई दे रहा है। 

5. सुशांत की तसवीरों में आँखें बाहर की तरफ़ निकली हुई नहीं दिख रही हैं। अमूमन आत्महत्या करने पर शरीर फाँसी के फंदे पर अचानक नीचे झूलता है। शरीर का वजन जैसे ही गले पर पड़ता है, आँखें बाहर की तरफ़ उबल पड़ती हैं। सुशांत की तसवीरों में यह नहीं दिख रहा है। हत्या में इस तरह का दबाव गले पर न पड़ने से आँखें अमूमन बाहर नहीं निकलती हैं। सुशांत का वजन 80 किलो था, जिसके चलते उनके गले पर भारी दबाव तुरंत पड़ा होगा। ऐसे में उनकी आँखें बाहर न निकलना अपने आप में रहस्य पैदा कर रहा है।

6. सुशांत की तसवीरों में होठों से बह कर बाहर आया और चेहरे पर फैला झाग नहीं दिख रहा है। हत्या के कारण बने दबाव के बावजूद झाग बन कर बाहर नहीं आता है। आत्महत्या के दौरान इतनी तेज़ी से गले पर दबाव पड़ता है कि उससे झाग सा चेहरे पर आ जाता है। 

7. फाँसी पर लटक कर आत्महत्या करने वालों के चेहरे विकृत हो जाते हैं क्योंकि उनकी ज़ुबान ऐंठ कर टेढ़ी हो जाती है। सुशांत के चेहरे पर जीभ टेढ़ी होने का कोई निशान नज़र नहीं आता है।

8. जिस कपड़े से आत्महत्या करना बताया जा रहा है, वह ऊपर लटका हुआ दिखता है। क्या इतनी कम ऊँचाई से आत्महत्या की जा सकती है?

9. सुशांत के कमरे में कोई स्टूल या ऐसा फर्नीचर नहीं दिख रहा है, जिसे नीचे लगा कर छत के कुंडे में उन्होंने कपड़े का फँदा बनाया होगा। तो ऐसी क्या चीज उन्होंने इस्तेमाल की होगी, जिससे कि वह आत्महत्या कर पाते? ऐसा कुछ नहीं दिखता है? 

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10. सुशांत के गले व शरीर पर कुछ और निशान दिख रहे हैं, जिससे यह भी कहा जा सकता है कि उनके साथ किसी का झगड़ा और मारपीट हुई है। उन्हें दबोच कर हत्या करने के दौरान खुद को बचाने की कोशिश में सुशांत को ये जख्म आए होंगे।

11. सुशांत 14 जून की सुबह वीडियो गेम खेल रहे थे। क्या यह संभव है कि जो व्यक्ति आत्महत्या करना चाहता है, वह आराम से कमरे में बैठ कर वीडियो गेम खेलेगा?

12. सुशांत ने 14 जून की सुबह खानसामे से माँग कर ठंडा पानी और फलों का रस पीया था। क्या यह संभव है कि जो इंसान आत्महत्या करने की स्थिति में हो, वह ठंडा पानी माँगेगा, फलों का रस पिएगा?

13. सुशांत जिस इमारत में रहते हैं, उसमें सीसीटीवी कैमरे ठीक उस मंज़िल पर बंद क्यों थे, जिस पर उनका फ्लैट था? क्या यह कोई साज़िश थी?

14. सुशांत के कमरे के ताले की कोई और चाबी क्यों नहीं है? यह चाबी थी तो कहाँ? क्या उनके साथ रहने वालों को भी नहीं पता था कि सुशांत के कमरे की अतिरिक्त चाबियाँ कहाँ रहती हैं?

15. सुशांत का शरीर हवा में लटका देख कर किसी ने भी यह कोशिश नहीं की कि अस्पताल में फ़ोन करते, एंबुलेंस या डॉक्टर को बुलाते। उन्होंने ऐसा क्यों किया?

16. सुशांत के परिवार को यह क्यों पता नहीं था कि वे मानसिक रूप से बीमार हैं? उनका इलाज चल रहा है, यह जानकारी उन्हें किसी ने क्यों नहीं दी? क्या इस इलाज के नाम पर उन्हें कमज़ोर किया जा रहा था या तेज़ दवाएँ देकर हत्या का इरादा था?

17. सुशांत के सेल फ़ोन में 50 सिम कार्ड बहुत छोटे से वक़्त में बदले गए थे। क्यों? यह किसने और क्यों किया? इसका असल मक़सद क्या था?

18. सुशांत ने अपने आख़िरी फ़ोन कॉल में यह उल्लेख किया कि वह अगले साल शादी करने जा रहे हैं। वह भी अपनी तथाकथित दुर्भाग्यपूर्ण आत्महत्या के ठीक एक दिन पहले। क्या कोई बुरी तरह से डिप्रेशन का शिकार और आत्महत्या की कगार पर खड़ा व्यक्ति ऐसी बातें करेगा?

19. दिशा सालियान की आत्महत्या को भी सुशांत हत्याकांड से जोड़ कर देखा जा रहा है। यह माना जा सकता है कि दिशा की मौत का कोई गहरा रहस्य सुशांत की जानकारी में होगा, जो जगजाहिर न हो सके, इसके लिये सुशांत को भी खामोशी से खामोश कर दिया गया। 

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20. सुशांत की मौत पर एक या दो लोगों को छोड़, फ़िल्मोद्योग के तमाम बड़े नाम खामोश हैं। किसी ने भी उनके पक्ष में बयान नहीं दिया है। तो क्या फ़िल्मी हस्तियाँ भी हिंदी फ़िल्मोद्योग में कुछ ताक़तवर गुटों और गिरोहों से डरती हैं? क्यों? 

21. सुशांत की शख्सियत में कुछ अनहोनी या ख़ास तब्दीली किसी ने भी नहीं देखी। वह हमेशा की तरह ही ज़िंदादिल और खुशमिजाज़ दिख रहे थे। आरोप है कि वह बस परेशान थे तो रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार की हरकतों से। वे करोड़ों की कारों के मालिक थे। उन्होंने चाँद पर ज़मीन का एक टुकड़ा भी ख़रीदा था। साढ़े छह लाख क़ीमत का टेलीस्कोप था। उनका शानदार कुत्ता उनके जीवन का महत्वपूर्ण अंग था। दोस्तों और परिवार से बेहद क़रीब से जुड़े थे। उनके अंदर छोटे शहर का मध्यमवर्गीय इंसान सफलता हासिल करने के बाद भी मरा नहीं था। वे यह कहते थे कि अगर उन्हें फ़िल्में मिलना बंद हो गईं तो शॉर्ट फ़िल्में बनाएँगे, केरल जाकर जैविक खेती करेंगे। उन्होंने अगले पाँच साल की योजना अपनी डायरी में लिख रखी थी। ऐसा व्यक्ति आत्महत्या क्यों करेगा?

22. सुशांत के बैंक खातों में 17 करोड़ रुपए की मोटी रक़म थी। उन्होंने और भी निवेश कर रखे थे। उन्हें किसी तरह की कमी नहीं थी। ऐसा व्यक्ति आत्महत्या क्यों करेगा?

23. सुशांत और रिया तीन या चार कमरों का बड़ा सा फ्लैट तलाश रहे थे। वे यह फ्लैट खरीद कर वहाँ बसना चाहते थे। यह योजना सन 2021 के लिए थी तो क्यों अचानक 14 जून 2020 को वे आत्महत्या करेंगे?

24. उनके नौकर द्वारा बार-बार बयान बदलना भी संदेह पैदा करता है। 

25. सुशांत के बॉडीगार्ड का कहना है कि उन्हें बिना कारण रिया चक्रवर्ती ने नौकरी से निकाल दिया था। सुशांत को कोई मानसिक रोग नहीं था। जब वे मानसिक तौर पर रोगी नहीं थे तो आत्महत्या का कारण किसे दिखता है?

26. एंटी डिप्रेशन दवाएँ कमरे में मिलीं। एक तरफ़ यह कहा जाता है कि सुशांत का मानसिक रोगों के लिए इलाज जारी था, वे चार डॉक्टरों से इलाज के लिए रिया के ज़रिए मिले थे। एक डॉक्टर का यह भी कथन है कि सुशांत बाई पोलर रोग से ग्रस्त थे। इसकी दवा उन्हें दी जा रही थी लेकिन वे नियमित दवाएँ नहीं लेते थे। दूसरी तरफ़ यह भी शक किया जा रहा है कि ये दवाएँ पुलिस के आने के पहले किसी ने उनके कमरे में रखी होंगी।

27. 13 जून को सुशांत के फ्लैट में पार्टी होती है, जिसमें बड़ा झगड़ा होता है। उसके बाद सुशांत सोने चले जाते हैं। अगली सुबह वे मृत मिलते हैं। क्या इस सिलसिले का भी इस मौत से कोई संबंध है?

सुशांत की हत्या हो या आत्महत्या, एक बात तय है कि यह मामला भी जल्द शांत होने वाला नहीं है। 

फ़िल्म जगत में कई हस्तियों की हत्याएँ या आत्महत्याएँ आज भी लोगों को भुलाए नहीं भूलतीं। सुशांत सिंह का मामला भी इस सूची में जुड़ गया है।

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विवेक अग्रवाल
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