ममता बनर्जी ने दावा किया कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अजित पवार बीजेपी छोड़कर शरद पवार वाले एनसीपी के साथ जाने वाले थे, ऐसे में उनका हादसा संदिग्ध है। विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच की मांग क्यों की?
अजित पवार, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार के प्लेन क्रैश में अब साज़िश की थ्योरी क्यों आने लगी? पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता इस मामले की पूरी की जाँच की मांग क्यों कर रहे हैं? ममता ने तो यहाँ तक कह दिया है कि मीडिया में पढ़ा था कि अजित पवार बीजेपी छोड़कर वापस शरद पवार की एनसीपी में लौटने वाले थे, ऐसे में यह हादसा संदिग्ध लगता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच की मांग की है।
हादसे को लेकर विपक्षी नेता क्या क्या सवाल उठा रहे हैं और किस तरह की जाँच की मांग कर रहे हैं, यह पढ़ने से पहले अब तक सामने आई हादसे की पूरी जानकारी जान लें। अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद प्लेन हादसे में निधन हो गया। यह हादसा महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ, जिसमें अजित पवार समेत प्लेन में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है।
अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहां वे स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी बैठकों में हिस्सा लेने वाले थे। प्लेन सुबह करीब 8:10 बजे मुंबई से उड़ा था और बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश में करीब 8:50 बजे क्रैश हो गया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, प्लेन दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, जब यह हादसा हुआ। प्लेन में अजित पवार के अलावा उनके दो स्टाफ सदस्य, दो क्रू मेंबर पायलट और सह-पायलट सवार थे। सभी की मौक़े पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद प्लेन में आग लग गई और कई बार विस्फोट हुए, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया।
अजित पवार 66 साल के थे और महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय थे। वे राज्य के सबसे लंबे समय तक डिप्टी चीफ मिनिस्टर रह चुके थे। वे शरद पवार के भतीजे थे और 2023 में एनसीपी से अलग होकर बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के साथ सरकार में शामिल हुए थे। वे बारामती को अपना गढ़ मानते थे और विकास कार्यों के लिए जाने जाते थे।
हाल के हफ्तों में एनसीपी के दोनों धड़ों अजित पवार और शरद पवार की एनसीपी के फिर से एक होने की ख़बरें आ रही थीं। इन्हीं रिपोर्टों को लेकर ममता ने घटना पर संदेह जताया है।
ममता बनर्जी ने लगाया साज़िश का आरोप?
विपक्षी नेताओं ने हादसे की गहन जांच की मांग की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे ज्यादा जोरदार तरीके से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'यह बहुत सदमे वाली खबर है। अजित पवार आज सुबह प्लेन क्रैश में मर गए। देश में लोगों की सुरक्षा नहीं बची है, राजनीतिक नेताओं की भी नहीं। मैंने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पढ़ा था कि अजित पवार बीजेपी छोड़कर वापस शरद पवार की एनसीपी में लौटने वाले थे। ऐसे में यह हादसा संदिग्ध लगता है।'
ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर ही भरोसा है। बाक़ी सभी एजेंसियाँ खरीदी जा चुकी हैं या समझौता कर चुकी हैं। जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि सच सामने आए।' ममता बनर्जी ने एक्स पर भी पोस्ट किया कि वे अजित पवार की अचानक मौत से 'बहुत सदमे में हैं' और इस त्रासदी पर गहरा दुख है। उन्होंने पारदर्शी और पूरी जांच की मांग की।अखिलेश, लालू ने की जाँच की माँग
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने कहा कि ममता की जाँच की मांग सही है। जाँच जरूरी है, तभी हादसे का सच सामने आएगा।
आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव ने शोक जताते हुए कहा, 'बारामती प्लेन हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार जी के निधन का बहुत दुखद समाचार मिला। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार व समर्थकों को इस दुख को सहने की ताक़त दे। हादसे की उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए।'यह सिर्फ़ हादसा नहीं: उमर
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी जांच की मांग की और इसे सिर्फ 'हादसा' मानने से इनकार किया। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि तकनीकी या अन्य कारण स्पष्ट हों।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'अजित पवार साहब के अचानक निधन की ख़बर सुनकर सदमे में हूँ। मैं अजित दा को बॉम्बे में कॉलेज के दिनों से जानता हूँ, जब मैं वर्षा में शरद पवार साहब और उनके परिवार के साथ रहता था। अजित दा एक काबिल प्रशासक और कुशल राजनीतिक संगठनकर्ता थे, जिनकी कमी बहुत खलेगी। मैं अपने पिता के साथ शरद पवार साहब, सुप्रिया और पूरे परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ।'बहरहाल, वर्तमान में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट जांच ब्यूरो यानी एएआईबी हादसे की जाँच कर रही है। कारण अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं बताया गया है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि मौसम खराब था या प्लेन में कोई तकनीकी ख़राबी थी।
यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है, क्योंकि अजित पवार एक मजबूत नेता थे। विपक्षी दलों की जांच की मांग से मामला और राजनीतिक हो गया है।