चुनाव नतीजे आने के बाद से ही शिवसेना मुख्यमंत्री पद के लिए अड़ी हुई है। बीजेपी के साथ लंबे समय तक तकरार के बाद उसके कोटे से केंद्र में मंत्री अरविंद सावंत ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे दिया था और इसके बाद शिवसेना ने बीजेपी और एनडीए से भी नाता तोड़ लिया था।