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'सोनू सूद के पीछे है बीजेपी', शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा

शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक्टर सोनू सूद पर हमला बोलते हुए कहा है कि उनके पीछे बीजेपी चाल चल रही है और जल्द ही सूद बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करते नज़र आएंगे। 
बता दें कि सोनू सूद ने मुंबई में फंसे सैकड़ों प्रवासी मज़दूरों को बिहार और उत्तर प्रदेश स्थित उनके घर पहुँचाया है। उनके लिए बस चलवाई और उनके खाने पीने का इंतजाम भी किया। 
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क्या कहना है सत्तारूढ़ दल का?

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में 'रोकटोक' नामक कॉलम में राउत ने 'एकटा सोनू सूद खरा' शीर्षक से एक लेख लिखा। इसमें उन्होंने कई सवाल खड़े किए हैं। 

शिवसेना के इस नेता ने कहा कि सोनू सूद ने केरल के एर्नाकुलम से ओडिशा के भुबनेस्वर तक हवाई जहाज़ की एक विशेष उड़ान भेजी। इससे 177 लड़कियों को भेजा गया। इसके लिए विमान को बेंगलुरू से कोच्चि ले जाया गया। राउत ने सवाल किया है कि क्या बग़ैर किसी राजनीतिक और प्रशासनिक मदद के ही हो गया? 

राजनीतिक मशीनरी?

राउत ने कहा, 'महाराष्ट्र सरकार ने प्रवासी मज़दूरों को उनके घर भेजने के लिए ख़ास प्रकोष्ठ बनाया है। पर मज़दूरों से कहा जा रहा है कि वे घर जाना चाहते हैं तो एक नंबर पर मैसेज डाल कर सोनू सूद से कहें। इसके पीछे एक बहुत बड़ी राजनीतिक मशीनरी काम कर रही है।' शिवसेना प्रवक्ता ने पूछा, 

'हज़ारों कामगारों को उनके घर पहुँचाने के लिये सोनू सूद के पास कौन मशीनरी है? इसके पीछे शंकर पवार हैं जो राष्ट्रीय बंजारा स्वयं सेवा संघ के प्रमुख हैं। पर वह महज दिखाने को हैं।'


संजय राउत, नेता, शिवसेना

बीजेपी का पलटवार

बीजेपी ने इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी है। यह दिखाता है कि महाराष्ट्र सरकार कोरोना से निपटने में किस तरह नाकाम है।'
महाराष्ट्र की मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने इसके बाद कहा, 'यदि कोई अभिनेता अपने पैसे से प्रवासी मज़दूरों की मदद कर रहा है तो सेना को क्या दिक्क़त है? वह तो उनका ही काम कर रहा है।'
कोरोना संक्रमण पर रोक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से भारत में लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। लॉकडाउन के बाद सब कुछ बंद हो गया और इस दौरान सबसे ज़्यादा मुसीबत उन मज़दूरों को हुई जो अपने गांवों से अन्य राज्यों में आकर मेहनत-मज़दूरी कर अपनी गुज़र-बसर कर रहे थे। 
लॉकडाउन के कारण जब बसें और ट्रेनें बंद हो गईं तो सभी लोग अपने घरों के लिए पैदल ही निकलने लगे। इस दौरान भयंकर गर्मी में भूखे-प्यासे किलोमीटरों पैदल चल रहे कई मज़दूरों की जानें भी चली गईं। हालांकि, मई में सरकार ने मज़दूरों को घर पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई लेकिन उसके बाद भी मज़दूरों के लगातार पैदल चलने की ख़बरें आ रही हैं। 
ऐसे में सोनू सूद और उनकी टीम लगातार प्रवासी मज़दूरों को बसों के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाने का काम कर रही है। ट्विटर पर सोनू सूद को कोई भी टैग कर मदद मांग रहा है तो वह फौरन उसे जवाब देते हैं और उनकी डिटेल्स मांग कर मदद पहुंचा रहे हैं। 
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