भारत में कोरोना महामारी की आड़ में मुसलिम समुदाय के ख़िलाफ़ जिस तरह सरकारी और ग़ैर-सरकारी स्तर पर सुनियोजित नफ़रत-अभियान और मीडिया ट्रायल चलाया जा रहा है, उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया होने लगी है।
कोरोना महामारी की आड़ में एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने और सत्तारूढ़ दल के पक्ष में अभियान चलाने का काम सिर्फ़ सरकार और संगठन के स्तर पर ही नहीं हो रहा है, बल्कि मुख्यधारा के मीडिया का एक बड़ा हिस्सा भी इस काम में बढ़-चढ़ कर शिरकत कर रहा है।
इसीलिए यह मानने की कोई वजह नहीं है कि प्रधानमंत्री की ताज़ा अपील के बाद कोरोना की आड़ में जारी धार्मिक और सांप्रदायिक नफ़रत फैलाने का संगठित अभियान थम जाएगा।