इंडिया गठबंधन के दलों में बढ़ती दूरी और सांसदों के टूटने की खबरों के बीच कांग्रेस संसदीय दल ने गुरुवार को संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को अलग से पत्र लिखकर परिसीमन बिल में नए प्रस्तावों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। कांग्रेस ने यह रणनीतिक बैठक मानसून सत्र से ठीक पहले इसलिए की है ताकि इंडिया गठबंधन के दलों को स्पष्ट संदेश भेजा जा सके। इंडिया गठबंधन की बैठक सोमवार 20 जुलाई को होगी। अगर उस बैठक में सारे दलों के संसदीय दल के नेता आते हैं तो स्थिति साफ हो जाएगी। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी के सांसदों में फूट हो चुकी है। इन दलों के काफी सांसद बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने अभी स्थिति साफ नहीं की है। कांग्रेस की गुरुवार बैठक के ज़रिए यह संदेश भेजा गया है कि पार्टी अपने दम पर जनहित के सारे मुद्दों को उठाएगी।

बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?

यह बैठक कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के 10, जनपथ स्थित आवास पर आयोजित की गई। रणनीति तैयार करने के लिए बुलाई गई इस बैठक में कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे: कांग्रेस अध्यक्ष  मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी,  संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक (Chief Whip) जयराम रमेश, वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, शशि थरूर, मनीष तिवारी, कुमारी शैलजा, तारिक अनवर, के. सुरेश, नसीर हुसैन और मणिकम टैगोर।

मानसून सत्र की अवधि और सरकार की तैयारी

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। सत्र की शुरुआत से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों का गठबंधन 'INDIA' आगामी सोमवार (20 जुलाई) को एक साझा बैठक करेगा, जिसमें सरकार के खिलाफ एक संयुक्त और मजबूत रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने भी सत्र को सुचारू रूप से चलाने और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए रविवार (19 जुलाई) को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
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इन बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

बैठक में कांग्रेस नेताओं ने उन मुख्य मुद्दों की पहचान की, जिन पर संसद में सरकार से जवाब मांगा जाएगा। विपक्ष इस बार इन मुद्दों पर बेहद आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है:

NEET पेपर लीक मामला: परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को कांग्रेस प्रमुखता से उठाएगी।
अयोध्या राम मंदिर में चंदे का गबन: राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी और घोटालों के आरोपों पर भी सरकार को घेरने की योजना है।
बढ़ती तेल कीमतें: पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों और आम जनता पर बढ़ते महंगाई के बोझ का मुद्दा भी संसद में गूंजेगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता (Indo-U.S. Trade Deal): इस समझौते के नियमों और देश के हितों को लेकर विपक्ष सरकार से स्पष्टीकरण मांगेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का पीएम मोदी को पत्र- परिसीमन पर स्थिति साफ करें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर परिसीमन बिल पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। खड़ग ने लिखा है-मैंने प्रधानमंत्री मोदी को एक बार फिर पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया है कि वे परिसीमन आदि पर सरकार के संशोधित प्रस्तावों पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाएं। मार्च और अप्रैल 2026 के पूरे समय, मैं माननीय संसदीय कार्य मंत्री को पत्र लिखकर आग्रह करता रहा कि केंद्र सरकार परिसीमन आदि से संबंधित अपने प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाए। दुर्भाग्य से, इन अनुरोधों को स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद, 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में स्पष्ट अंतर से विफल रहा।             

जयराम रमेश की प्रेस कॉन्फ्रेंस

कांग्रेस संसदीय पार्टी की बैठक के बाद जयराम रमेश ने पत्रकारों को इस बैठक के बारे में सारी जानकारी दी। जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- गुरुवार 16 जुलाई को कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी की अध्यक्षता में पार्लियामेंट्री स्ट्रैटेजी ग्रुप की बैठक हुई। इस सत्र में जो विधेयक आने वाले हैं, हमें उसकी औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है। आने वाली 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक में हमें इसकी जानकारी मिलेगी। लेकिन हमारा अनुमान है कि सरकार परिसीमन विधेयक को वापस लाना चाहती है। हम पूरी ताकत से परिसीमन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक का विरोध करेंगे। 
रमेश ने कहा कि मोदी सरकार सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात करती है, लेकिन हमारा अनुभव रहा है कि सत्र में विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा नहीं होती- सिर्फ विधेयक पास होते हैं। मोदी सरकार की कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है। 
हमने पहले भी कहा है- सरकार मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण लागू करे, विपक्ष पूरा समर्थन करेगा। लेकिन मोदी सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन विधेयक पास कराना चाहती है। विपक्ष ने पहले भी एकजुटता के साथ इसका विरोध किया है और आगे भी करेगा।