इंडिया गठबंधन की एकजुटता का जिम्मा क्या अब ममता संभालेंगी? बंगाल चुनाव नतीजों के बाद अब उन्होंने विपक्षी इंडिया गठबंधन की बैठक जल्द होने का बड़ा संकेत दिया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि INDIA ब्लॉक की बैठक जून के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। उन्होंने विपक्षी दलों को एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने का संकल्प व्यक्त किया। फेसबुक लाइव में ममता बनर्जी ने कहा, 'हम लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अंत तक नहीं हार मानेंगे।'

ममता बनर्जी ने कहा कि INDIA गठबंधन जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा। उन्होंने विपक्षी एकता पर जोर देते हुए कहा कि लोग अभी भी उनके साथ हैं और टीएमसी वापसी करेगी। बीजेपी ने INDIA ब्लॉक की एकता को लेकर कहा कि पहले भी ऐसे गठबंधन असफल हो चुके हैं। बीजेपी नेता कीया घोष ने कहा, 'वे जितनी मर्जी गठबंधन बनाएं, बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ता। जनता हमारे साथ है।'

इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर सवाल क्यों?

इंडिया यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस के नेताओं की पिछली बैठक 15 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई थी। इस बैठक में विपक्षी दलों ने संसद के विशेष सत्र, डेलिमिटेशन और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। हालाँकि, यह इंडिया गठबंधन की औपचारिक बैठक नहीं थी और किसी खास मुद्दे पर साझा रणनीति के तहत ये नेता मिले थे। गठबंधन की औपचारिक बैठकें बहुत कम ही हुई हैं और इस वजह से गठबंधन की एकता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

इंडिया गठबंधन का गठन 17-18 जुलाई 2023 को हुआ था। पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी, जिसमें 16 विपक्षी दलों ने भाग लिया था। दूसरी बैठक 17-18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई थी। इसी बैठक में गठबंधन का नाम INDIA यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस तय किया गया था।

इस बैठक में 26 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया और आधिकारिक रूप से गठबंधन की घोषणा की गई। इसका मुख्य उद्देश्य 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ एकजुट होना था। गठबंधन की औपचारिक शुरुआत 18 जुलाई 2023 मानी जाती है, जब नाम की घोषणा हुई।

ममता बनर्जी और TMC का योगदान

ममता बनर्जी गठबंधन की प्रमुख संस्थापक नेताओं में से एक हैं। उन्होंने विपक्षी एकता की अपील की और नाम 'INDIA' को अंतिम रूप देने में भूमिका निभाई थी। लेकिन बाद में टीएमसी की इंडिया गठबंधन को लेकर नीति साफ़ नहीं रही। हाल के बंगाल चुनाव में उसने गठबंधन सहयोगियों के ख़िलाफ़ ही चुनाव लड़ा। इससे पहले भी इंडिया गठबंधन में नेतृत्व को लेकर ममता की कांग्रेस के साथ एक तरह की तनातनी की स्थिति बनी रही थी।

इंडिया गठबंधन की स्थिति

इंडिया गठबंधन में लगभग 35 दल शामिल हैं। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, शिव सेना यूबीटी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), RJD, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), झारखंड मुक्ति मोर्चा, जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, VCK, IUML जैसे दल शामिल हैं। AAP जैसे कुछ दल पहले निकल चुके हैं। तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके के साथ कांग्रेस के सरकार बनाने के बाद डीएमके भी नाराज़ है। इसके अलावा भी गठबंधन में समय-समय पर तनाव या राज्य-स्तर पर बिखराव देखा गया है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर यह विपक्षी मोर्चा बना हुआ है।
इस बीच, 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC को हार का सामना करना पड़ा और इसी बीच ममता बनर्जी ने गठबंधन को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव जैसे INDIA के कई नेताओं ने उनसे संपर्क किया और समर्थन दिया।

ममता का BJP पर आरोप

ममता बनर्जी ने भाजपा पर बड़े स्तर पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस वजह से तृणमूल कांग्रेस को लगभग 150 विधानसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जबकि असल में वहां जीत होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, 'जीतने वाली सीटें हार वाली और हार वाली सीटें जीत वाली बना दी गईं। अगर धांधली नहीं होती तो TMC को 220 से 230 सीटें मिलतीं।' ममता ने वोटर लिस्ट से नाम काटने यानी SIR प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शुरू में 60 लाख नाम काटे गए, बाद में कुछ बहाल किए गए, लेकिन कई चरणों में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि जहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल हैं, वहां टीएमसी कानूनी रास्ता अपनाएगी।
 
इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं और आम लोगों पर दबाव और डर का माहौल बना रही है। ममता ने कहा, 'बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं पर जितना अत्याचार बीजेपी करेगी, दिल्ली में उतनी ही मुश्किलें बीजेपी को झेलनी पड़ेंगी।' उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नतीजों के 20 दिन बाद भी टीएमसी कार्यकर्ता और चुने हुए प्रतिनिधि उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं।

बीजेपी का जवाब

भाजपा की वरिष्ठ नेता कीया घोष ने ममता बनर्जी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। कीया घोष ने कहा, 'ममता बनर्जी हार स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। वे साजिश की थ्योरी गढ़ रही हैं। अगर 2011, 2016 और 2021 के चुनाव निष्पक्ष थे तो अचानक अब चुनाव प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठा रही हैं? हार का सामना करने की हिम्मत नहीं है।' उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी अब 'कॉर्पोरेट स्टाइल' संगठन बन गई है जो अकेले अभिषेक बनर्जी के इर्द-गिर्द घूमती है। भाजपा नेता ने दावा किया कि TMC के अंदर असंतोष बढ़ रहा है और कई कार्यकर्ता व विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं।

विपक्ष के नेता का मुद्दा

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि टीएमसी के पास 80 विधायक होने के बावजूद उन्हें विपक्ष का नेता का दर्जा नहीं दिया गया और उनके विधायकों को सदन के लॉबी में बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

ममता का यह बयान उस वक्त आया है जब पश्चिम बंगाल में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए हैं और बीजेपी ने सरकार बनाई है। ममता बनर्जी की टीएमसी इस चुनाव में कमजोर हुई है, जबकि भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया है। दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप जारी है।