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कोरोना पर विपक्षी दलों की बैठक में भाग लेंगी ममता बनर्जी, अब तक 17 दल सहमत

पूरे देश भर में कोरोना संक्रमण के तेज़ी से बढ़ने और इसकी पूरी स्थिति पर विपक्षी दलों की वर्चुअल बैठक में शामिल होने के लिए तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने हामी भर दी है। इसका मतलब है कि इन दलों के नेता वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। अब तक 17 दलों ने इसमें शामिल होने की सहमति दे दी है। हालाँकि समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव और बीएसपी नेता मायावती ने इस पर अपना रुख साफ़ नहीं किया है। कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने इस बैठक की अगुवाई की है और वही इसकी अध्यक्षता करेंगी। 

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बैठक के बारे में ममता बनर्जी ने पुष्टि की। ‘पीटीआई’ के अनुसार, ममता ने कहा, 'हाँ, कोरोना संकट की फ़िलहाल की स्थिति और लॉकडाउन के प्रभावों पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों की बैठक शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से होगी। मैं उसमें शामिल होऊँगी।' 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि जिस तरह से हर चीज के लिए केंद्र राज्यों पर दोष मढ़ रहा है वह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र के एकाएक लॉकडाउन लागू करने का नतीज़ा है कि देश इस प्रवासी संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस संकट से बेहतर तरीक़े से निपटने के लिए एक तरह की सोचने वाली पार्टियाँ साथ आ रही हैं।

विपक्षी दलों की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी दल बीजेपी पर कोरोना संकट से निपटने में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में प्रवासी मज़दूरों को बसों से घर भेजने के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार और कांग्रेस आमने-सामने हैं। प्रियंका गाँधी ने बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संकट में फँसे प्रवासी मज़दूरों को लाने व ले जाने के लिए अपनी ओर से 1000 बसें देने की पेशकश की थी। लेकिन योगी सरकार 2 दिन तक इस मामले में चुप्पी साधे बैठी रही थी। लेकिन अब जब अनुमति दे दी है तब भी इस पर विवाद नहीं थम रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि प्रियंका गाँधी ने जिन 1049 वाहनों के बारे में जानकारी दी थी उनमें से 879 ही बसें हैं। इस पर प्रियंका ने कहा है कि फ़िलहाल जितनी बसें हैं उन्हें जाने दीजिए बाक़ी वह आज यानी बुधवार को भेजेंगी। 

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तृणमूल नेता ममता बनर्जी की भी बीजेपी से तीखी नोक झोंक चल रही है। पश्चिम बंगाल में जल्द ही चुनाव होने हैं और माना जा रहा है कि बीजेपी इसी को लेकर पश्चिम बंगाल पर हमलावर है। बीजेपी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाए हैं कि कोरोना की मौत के आँकड़े पश्चिम बंगाल में छुपाए जा रहे हैं। हाल ही में पीयूष गोयल ने आरोप लगाया था कि ममता ट्रेनें भेजने के लिए हरी झंडी नहीं दे रही हैं। 

हाल ही में बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में श्रम क़ानूनों में बदलाव के लिए विपक्षी दलों ने ज़ोरदार हमला किया था। सबसे ज़्यादा आपत्ति जिन बदलावों को लेकर की गई वह है- औद्योगिक इकाइयों को श्रम कल्याण क़ानून से छूट देना। इससे उन्हें श्रमिकों के दैनिक और साप्ताहिक कार्य घंटों में वृद्धि करने और अधिकार से वंचित करने पर अदालत जाने का हक़ छीनने जैसे क़दम उठाने की अनुमति मिलती है।

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