loader

यूपी अगर केरल बन जाए तो लोगों का जीवन बदल जाएगा, योगी डरे हुए हैंः पी. विजयन

केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने बहुत सधे हुए तरीके से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जवाब दिया है। योगी ने कल पहले चरण के मतदान की पूर्व संध्या पर मतदाताओं को सावधान करते हुए कहा था कि वे (मतदाता) यूपी को बंगाल, केरल में न बदलने दें। इस पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक ट्वीट में उत्तर प्रदेश के सीएम के लिए कहा, "अगर यूपी केरल में बदल जाएगा तो योगी आदित्यनाथ को डर है, यूपी में सबसे अच्छी शिक्षा, शानदार स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक कल्याण, जीवन स्तर ऊंचा उठ जाएगा। समाज में एकता होगी, जिसमें धर्म और जाति के नाम पर लोगों की हत्या नहीं की जा सकेगी। यही यूपी के लोग चाहेंगे।” उन्होंने अपने हैंडल से पोस्ट किए गए एक हिंदी ट्वीट में भी यही बात कही।
ताजा ख़बरें
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी एक ट्वीट में योगी आदित्यनाथ की टिप्पणियों का जवाब दिया। योगी आदित्यनाथ ने मतदाताओं से कहा, "अगर बीजेपी सत्ता में नहीं आई तो यूपी कश्मीर, बंगाल या केरल में बदल जाएगा। यूपी को इतना भाग्यशाली होना चाहिए कि कश्मीर की सुंदरता, बंगाल की संस्कृति और केरल की शिक्षा वहां भी चमत्कार करे। यूपी की सरकार दया की पात्र है।"

उत्तर प्रदेश में पहले चरण का मतदान शुरू होने से कुछ घंटे पहले कल शाम एक वीडियो संदेश में, योगी आदित्यनाथ ने केरल और बंगाल का जिक्र करते हुए मतदाताओं से बीजेपी को चुनने का आग्रह किया था। वही बंगाल, जहां तृणमूल कांग्रेस ने पिछले साल तीसरी बार जीत हासिल की थी। योगी ने कल कहा था, "मुझे अपने दिल से कुछ कहना है। इन पांच वर्षों में बहुत सारी अद्भुत चीजें हुई हैं। सावधान रहें! अगर आप चूक गए, तो इन पांच वर्षों का श्रम खराब हो जाएगा। उत्तर प्रदेश को कश्मीर, केरल और बंगाल बनने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।” 
योगी ने आग्रह किया था, "आपका वोट पांच साल के मेरे प्रयासों पर एक आशीर्वाद है। आपका वोट आपके भय मुक्त जीवन की गारंटी भी होगा।" यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा, "एक बड़े फैसले का समय आ गया है। पिछले पांच वर्षों में, बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने सब कुछ समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ किया है। आपने सब कुछ देखा और सब कुछ विस्तार से सुना है।"यूपी चुनाव के नतीजे 10 मार्च को आएंगे।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें