यह साफ दिख रहा है कि सोनिया गांधी लगातार मिल रही हार के बाद 2023 में जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं उन्हें लेकर बेहद गंभीर हैं। सोनिया जानती हैं कि इन राज्यों में मिली जीत या हार ही 2024 के लिए और उससे आगे कांग्रेस का सियासी मुस्तकबिल क्या होगा, उसे तय करेगी।