अमीन पठान का संबंध पूर्व सीएम वसुंधरा राजे कैंप से है। इसे असली विद्रोह बताया जा रहा है। क्योंकि दस दिनों पहले किसी भाजपा नेता का इस्तीफा टिकट की लालत में नहीं आता है। अब तो चुनाव प्रचार अभियान चरम पर है। ऐसे में भाजपा को यह झटका जनता में सीधे संदेश देने के लिए दिया गया है। वसुंधरा राजे ने इस चुनाव में अपनी अलग ही रणनीति पर काम किया है। वो चुनाव प्रचार में सिर्फ वहीं गईं, जहां उनके समर्थक चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी ने उन्हें स्टार प्रचारक बनाना चाहा लेकिन वसुंधरा ने कन्नी काट ली।