loader

रफ़ाल पर ‘नींबू’ चढ़ाने को लेकर सोशल मीडिया पर 'भिड़ंत'

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ़्रांस गये हुए हैं और भारत के साथ हुए सौदे के मुताबिक़ फ़्रांस ने उन्हें पहला रफ़ाल विमान मंगलवार को सौंप दिया। भारत में मीडिया ने सुबह से ही इस ख़बर को जोर-शोर से दिखाया कि आज देश को पहला रफ़ाल विमान मिलने वाला है। देशवासी भी ख़ुश थे क्योंकि उनका मानना है कि रफ़ाल के आने से निश्चित रूप से भारतीय वायुसेना की ताक़त में इज़ाफ़ा होगा। जैसे ही भारत को पहला रफ़ाल विमान सौंपा गया, भारतीय परंपराओं के मुताबिक़ राजनाथ सिंह ने इस पर रोली से ऊं का चिन्ह बनाया और इसके टायरों के नीचे नींबू रखा। वैसे भी विजयादशमी के दिन भारत में शस्त्र पूजा की परंपरा है।

ताज़ा ख़बरें
लेकिन राजनाथ सिंह के रफ़ाल विमान पर ऊं का चिन्ह बनाते ही सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने इसे लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया। इस वर्ग का कहना था कि हिंदू धर्म को सेना पर थोपा जा रहा है और यह एक तरह का ड्रामा था। लेकिन दूसरे वर्ग ने इसका जोरदार जवाब दिया और कहा कि पहले भी शस्त्रों की पूजा होती रही है और इस बार ऐसा कुछ भी नया नहीं हुआ है। काफ़ी देर तक सोशल मीडिया पर इसे लेकर युद्ध चलता रहा। इसे लेकर बीजेपी और कांग्रेस के नेता भी आमने-सामने आ गए। बीजेपी नेताओं ने इसे गर्व का विषय बताया लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि ऐसा नाटक करने की क्या ज़रूरत थी। 
डॉ. आनंद राय नाम के ट्विटर यूजर ने पूछा कि रफ़ाल के नीचे नींबू रखा गया, यह अंधविश्वास है या श्रद्धा।  
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi

शिव कुमार सचान नाम के ट्विटर यूजर ने पूछा कि क्या नई पीढ़ी और पढ़ा-लिखा समाज इन टोटकों पर विश्वास करेगा!

rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
कांग्रेस की नेता शिल्पी सिंह ने तंज कसते हुए ट्वीट किया कि रफ़ाल को एक अदद नींबू की ज़रूरत पड़ती है। 
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
काकावाणी नाम के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि जब हमारी सुरक्षा की गारंटी नींबू-मिर्ची ने ले रखी है तो फिर हमें रफ़ाल की क्या ज़रूरत है। 
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
विपिन सारस्वत नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि अगर वित्त मंत्रालय, आरबीआई सभी बैंकों में भी नींबू-मिर्ची हर शनिवार को लटकाते तो शायद न आर्थिक मंदी आती और न ही बैंक कंगाल होते। 
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
कृतिष भट्ट नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी रफ़ाल बनाने वाली कंपनी के पास गए और पूछा कि ये बड़े वाले नींबू क्या भाव दिए?
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
नींबू पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए दूसरी ओर से ट्विटर पर मौजूद लोग सामने आए और उन्होंने जवाबी ट्वीट किए। 
मनोज नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि रौली से ॐ, नारियल, नींबू, पूरे विधि-विधान व हिन्दू संस्कृति से रफ़ाल का शास्त्र पूजन हुआ है। जय हो

rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
सोनाली नाम के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि गर्व है हमें अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं का पालन करने वाली राज सत्ता पर। 
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
प्रेम चंद्र गुप्ता नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि देश को पहला रफ़ाल फाइटर विमान मिला ॐ से हुआ सम्मानित। 
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही एक तसवीर में दावा किया गया है कि यह तसवीर 1983 की है जब sea harrier विमान को तत्कालीन थल सेना अध्यक्ष की पत्नी ने विधिवत पूजा करके नारियल फोड़ कर स्वीकार किया था। हालांकि सत्य हिन्दी इस फ़ोटो और दावे की पुष्टि नहीं करता है। 
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi

ऐसा नहीं है कि ट्विटर पर लोग इसे लेकर भिड़े ही रहे, कुछ लोगों ने इसके मजे भी लिये। ऐसे लोगों ने हंसाने वाली फ़ोटो और कॉर्टून पोस्ट किये। देखिये, नईम नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा कि भारत में नये तरीक़े के टायर स्टॉपर आ गये हैं। 

rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
बाबू भाई नाम के ट्विटर यूजर ने रफ़ाल विमान पर चून्नू-मून्नू दी गड्डी लिखकर फ़ोटो पोस्ट की। 
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi
दीपक दुआ नाम के ट्विटर यूजर ने एक विमान का फ़ोटो ट्वीट किया जिसमें शुभ-लाभ, हॉर्न ओके प्लीज और बुरी नज़र वाले तेरा मुंह काला लिखा गया था। 
rafale war on social media on twitter - Satya Hindi

इस तरह काफ़ी देर तक ट्विटर पर यह संग्राम चलता रहा। इसे लेकर पत्रकार, बुद्धिजीवी भी दो हिस्सों में बंटे दिखाई दिये। हालांकि कुछ टीवी चैनलों पर वायुसेना के पूर्व अधिकारियों ने कहा कि यह पुरानी परंपरा है और इसमें नया कुछ भी नहीं है। लेकिन ट्विटर पर चले इस वॉर के बाद भी सभी देशवासी ख़ुश हैं कि देश को रफ़ाल लड़ाकू विमान मिलने से हम अपने दुश्मनों का ज़्यादा ताक़त के साथ मुक़ाबला कर सकेंगे। 

'सत्य हिन्दी'
सदस्यता योजना

'सत्य हिन्दी' अपने पाठकों, दर्शकों और प्रशंसकों के लिए यह सदस्यता योजना शुरू कर रहा है। नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से आप किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है, जिसका नवीनीकरण सदस्यता समाप्त होने के पहले कराया जा सकता है। अपने लिए सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण को ध्यान से पढ़ें। हम भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता प्रमाणपत्र आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

सोशल मीडिया से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें